विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंदू त्योहारों और अर्थव्यवस्था पर हमलों के षडयंत्रों से बाज आएं इंडी नेता…

एक नवंबर की रैली को स्थगित करने की अपील व्यापारियों की थी, इसलिए ठुकरा दी। अगर यह जिहादियों की होती तो साष्टांग दंडवत करते हुए माफी भी मांगते और रैली को कैंसिल भी करते!
यह अंतर है कांग्रेसी संस्कृति का… इसी दिन अहोई अष्टमी भी है, जो माताओं द्वारा अपनी संतानों की खुशी व दीर्घायु की कामना हेतु रखा जाने वाला एक बड़ा व्रत पर्व है।
सावधान…!!
व्यापारियों के व्यापार, हिंदुओं की आस्था और त्योहारों की खुशहाली के साथ देश की अर्थव्यवस्था को चौपट करने में चारों ओर से चौरस बिछाने में लगी हैं ये ट्रिपल सी (कांग्रेसी, कम्युनिस्ट एवं कम्युंनलिष्ट जिहादी) गैंग!
पहले नवरात्रि और दशहरे पर, तो अब दीपावली जैसे देश के सबसे बड़े त्यौहार की खुशी और समृद्धि पर ग्रहण लगाने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं! लगातार हिंदू द्रोही मार्ग पर चलने वाले लोगों और संगठनों से देशवासियों (खासकर हिंदू समाज) को सावधान रहना होगा।
इंडी की गांठे यह बात भी गांठ बांध के सुन लें कि आप लाख प्रयास कर लेना किंतु हिंदू समाज को और भारत की अर्थव्यवस्था को आघात करने वाले आपके इन कुचक्रों का जवाब समाज, समय आने पर, अवश्य देगा और आपके इन भारत विरोधी हिंदू द्रोही षडयंत्रों को कभी सफल नहीं होने देगा।
विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विहिप



