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मैलानी-नानपारा मीटर गेज रेल लाइन को हेरिटेज घोषित किया गया : रेलवे विरासत का संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

मैलानी-नानपारा मीटर गेज रेल लाइन को हेरिटेज घोषित किया गया : रेलवे विरासत का संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

लखनऊ : भारतीय रेलवे ने मैलानी-नानपारा मीटर गेज रेल लाइन को उसके स्टेशनों, रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग और अन्य संपत्तियों सहित हेरिटेज लाइन के रूप में संरक्षित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह 170.90 किलोमीटर लंबी लाइन, जो मुख्य रूप से दुधवा नेशनल पार्क जैसे राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से होकर गुजरती है, अब भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक रेलवे विरासत का प्रतीक बनेगी। रेल मंत्रालय के इस कदम से न केवल ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय आर्थिक विकास और इको-टूरिज्म को भी नई गति मिलेगी।

मैलानी-नानपारा खंड, जो 130 वर्ष से अधिक पुराना है, को विरासत सूची में शामिल करने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड द्वारा प्रदान की गई है। इस लाइन पर 13 स्टेशन, 52 छोटे पुल और 19 बड़े पुल हैं, जो ब्रिटिश काल की सिविल इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
मैलानी जंक्शन, पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जंक्शन स्टेशन है, जो 19वीं शताब्दी के अंत में स्थापित हुआ था। यह स्टेशन ब्रॉड गेज (बीजी) और मीटर गेज (एमजी) दोनों अवसंरचनाओं से सुसज्जित है, जो दुर्लभ दोहरे गेज वाली विरासत का उदाहरण है। 2020 में लखीमपुर-मैलानी बीजी खंड के चालू होने से इस क्षेत्र में आधुनिक कनेक्टिविटी जुड़ी, लेकिन मीटर गेज लाइन की विरासत को भी बरकरार रखा गया।

रेलवे बोर्ड की कार्यकारी निदेशक (हेरिटेज)  आशिमा मेहरोत्रा ने 05 अप्रैल 2025 को मैलानी-नानपारा मीटर गेज सेक्शन का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे बोर्ड और लखनऊ मंडल,पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के साथ मैलानी से दुधवा (42 किमी) तक एमजी विस्टाडोम हेरिटेज ट्रेन रन में भाग लिया। यह आयोजन गोरखपुर जंक्शन स्टेशन और पूर्वोत्तर रेलवे की अन्य विरासत संपत्तियों के 140 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए गए “स्टेशन महोत्सव” का हिस्सा था। निरीक्षण के दौरान, पारंपरिक रेलवे उपकरणों, फर्नीचर और एमजी डीजल इंजनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया। श्रीमती मेहरोत्रा ने कहा, “यह लाइन न केवल रेलवे इतिहास का जीवंत हिस्सा है, बल्कि दुधवा के वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़कर पर्यटन की अनंत संभावनाएं प्रदान करती है।”
माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 2022 में मैलानी-बिछिया टूरिस्ट वातानुकूलित कोच (एमजी) का शुभारंभ इस दिशा में पहला कदम था। अब हेरिटेज घोषणा से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिलेगा। महोत्सव में स्कूली बच्चों के लिए मैलानी से दुधवा तक हेरिटेज टूरिस्ट स्पेशल ट्रेन चलाई गई एवं स्थानीय जनजाति द्वारा पारंपरिक ‘थारू’ नृत्य जैसे सांस्कृतिक प्रदर्शन हुए। स्थानीय समुदायों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा इस कार्यक्रम को स्थानीय मीडिया में व्यापक कवरेज मिला, जिसमें रेल-आधारित पर्यटन और विरासत जागरूकता पर जोर दिया गया।
कार्य योजना के तहत, मैलानी और दुधवा जैसे स्टेशनों पर पारंपरिक उपकरणों का सूचीकरण और संरक्षण किया जाएगा। एमजी डीजल इंजनों के लिए समर्पित रखरखाव सुविधाएं स्थापित की जाएंगी, ताकि उनका नियमित रखरखाव सुनिश्चित हो। यह पहल रेलवे विरासत को पर्यावरण-पर्यटन से जोड़कर सतत् विकास का मॉडल बनेगी। रेल मंत्रालय का मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश के स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पर्यटकों के लिए ट्रेन द्वारा दुधवा नेशनल पार्क की यात्रा एक यादगार अनुभव बनेगी।

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