साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक नृत्य नाटिका “एकदंत ” का मंचन
मनौती के राजा का गणेशोत्सव का आठवां दिन

लखनऊ। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से झूलेलाल वाटिका निकट हनुमान सेतु के पास चल रहे गणेशोत्सव के आठवें दिन बुधवार को कोलकाता के संजय शर्मा के निर्देशन मे गणेश जी के एकदंत की कथा पर नृत्य नाटिका का मंचन किया गया। इसमे दिखाया कि परशुराम को गणेश जी ने पराजित कर दिया, जिससे परशुराम और भी क्रोधित हो गए। गुस्से में उन्होंने अपने फरसे से गणेश जी पर प्रहार कर दिया, जिससे उनका एक दांत टूट गया। इन कथाओं से यह स्पष्ट होता है कि गणपति का ‘एकदंत’ स्वरूप केवल एक शारीरिक विशेषता नहीं, बल्कि उनके साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। जिसे लोगों ने खूब सराहा। बाद में श्री गणेश के विभिन्न रूपों के साथ नृत्य प्रस्तुत किया गया।
राजस्थान के बाबा गंगाराम एक अद्भुत दरबार की प्रस्तुति लोगों को भा गईं। बाद में संजय शर्मा ने अपने भजनों से बप्पा को रिझाया। संजय ने “आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है…” सुनाया। उसके बाद “तेरे दर पे आ के मुझे क्या मिला है…” और “तुमसे बढ़कर कोई नहीं गणपति…” जैसे भजन सुनाकर लोगों को भक्ति मय कर दिया। इस मौके पर प्रमुख लोगों मे भारत भूषण गुप्ता, घनश्यामदास अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, शरद अग्रवाल, योगेश बंसल, अखिलेश बंसल, पार्षद रंजीत सिंह, संजय अग्रवाल, देशराज अग्रवाल, संजय सिंह गांधी, अतुल बंसल, रामशंकर वर्मा, गोपाल अग्रवाल, अजय अग्रवाल, जयकरन, सुधांशु बाथम, नरेश अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, अतुल (सोनू), रोहित महानगर, महिलाओं में संध्या बंसल, अंजू गुप्ता, उषा अग्रवाल, कविता अग्रवाल, रुक्मणी अग्रवाल, अंशु बंसल, वीमी बंसल, नेहा बंसल, नीरजा सिंह, अनुराधा गोयल आदि लोग मौजूद रहे।
कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि 4 सितंबर दिन गुरुवार को देवघर के प्रसिद्ध भजन गायक श्री मनोज अजीत बप्पा के दरबार में भजन सुनायेंगे।



