मोदी सरकार के 11 वर्षों का कार्यकाल केवल एक राजनीतिक व्याख्यान नहीं है, यह राष्ट्र-भाग्य के निर्माण का व्याख्यान है : बांसुरी स्वराज

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा की मंत्री एवं नई दिल्ली से सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने आज एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के 11 वर्षों का कार्यकाल केवल एक राजनीतिक व्याख्यान नहीं है, यह राष्ट्र-भाग्य के निर्माण का व्याख्यान है। प्रेसवार्ता में जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र बब्बर एवं रविन्द्र चौधरी, विधायक हरीश खुराना, अनिल शर्मा, शिखा राय, नीरज बसोया एवं उमंग बजाज भी उपस्थित थे।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि आप सभी को याद होगा कि 2014 से पहले, कश्मीर की भूमि पर यदि कोई तिरंगा फहराना चाहता था, तो वह अपने-आप में एक चुनौती थी। हमारी विधायक शिखा राय स्वयं जब लाल चौक पर तिरंगा फहराने गई थीं, तो उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था, लेकिन 2014 में जब भारत के देवतुल्य मतदाताओं ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश का प्रधानसेवक चुनकर भेजा , तब से लेकर इन 11 वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देश देख रहा है।
स्वराज ने कहा कि जब हम चेनाब नदी पर विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज को आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से उदघाटित होते हुए देखते हैं तो यह अपने आप में ही विकसित भारत की सिंघ गर्जना दर्शाता है। जम्मू-कश्मीर की पावन भूमि पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जब तिरंगा लिए चलते है तो यह केवल विकासशील परिवर्तन ही नहीं बल्कि भारत के मनोबल को बढ़ाने का भी प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि अगर भारत की सुरक्षा की बात करें तो मोदी सरकार ने प्रण लिया है कि 2026 तक भारत को नक्सलवाद से मुक्त किया जाएगा और अगर अभी की बात करें तो 60 ज़िले पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त हो गए हैं। जब-जब भारत की सुरक्षा पर पाकिस्तान पोषित आतंकवाद ने हमला किया है, तब-तब मोदी जी के कुशल नेतृत्व में हमारी आर्म्ड फोर्सेज ने पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकवादियों का सफाया किया है।
बांसुरी स्वाराज ने कहा कि ऊरी के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और अभी हाल में हुआ ऑपरेशन सिन्दूर ने यह तय कर दिया कि मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व में भारत टेररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन्स सिन्दूर की सफलता के बाद मोदी सरकार को एक बड़ी डिप्लोमेटिक विन मिली। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं को एक साथ विपक्ष और ट्रेज़री बेंचेस के संसदों को सात अलग-अलग जथों को विदेश भेजा। उनमें मुस्लिम प्रतिनिधि भी थे, कांग्रेस के लोग भी थे, भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि भी थे, बीजू जनता दल के लोग भी थे। अलग-अलग विचारधाराओं के लोग थे।
इन्हीं में से एक जथे में मुझे जाने का सौभाग्य मिला। मुझे यह कहते हुए अत्यंत ख़ुशी होती है कि विचारधारा की विविधता को एक ओर रखकर, हर एक व्यक्ति ने केवल और केवल भारतीयता की बात की। भारत का जो स्टान्स है — जीरो टॉलरेंस टुवर्ड्स टेररिज्म , उसकी गूंज 33 देशों में सुनाई दी।
नई दिल्ली सांसद ने कहा कि कोविड के समय में भारत ने मोदी सरकार के कुशल नेतृत्व में जो वैक्सीन डिलीवरी की, जहाँ 48 देशों में भारत ने संजीवनी बूटी की तरह फ्री वैक्सीन भेजीं, उसका क्या असर हुआ — यह प्रमुख रूप से देखने को मिला है। मैं वेस्ट अफ्रीका के 3 देशों में गई थी — कांगो, सिएरा लियॉन और लाइबेरिया और वहाँ एक-एक व्यक्ति मोदी जी का धन्यवाद करते हुए, भारत सरकार का धन्यवाद, भारतीयता का धन्यवाद कर रहा था कि कोविड जैसी महामारी में भारत ने फ्री वैक्सीन दीं। आज मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की फार्मेसी बन गया है।
यही नहीं, एक तरफ हम विश्वामित्र की भूमिका निभा रहे हैं, तो दूसरी तरफ विश्वगुरु की भी भूमिका निभा रहे हैं। जी-20 प्रेसीडेंसी के दौरान आप जानते ही हैं — ‘ वसुधैव कुटुंबातम ’ यानी “पूरा विश्व एक परिवार है” — इस मार्ग को मोदी सरकार ने विश्व के कोने-कोने तक पहुँचाया। अफ्रीकन यूनियन को पहली बार स्थायी सदस्य के रूप में जी-20 में लाने वाले श्री नरेंद्र मोदी ही थे — यह बहुत बड़ी बात है।
अब ऑपरेशन सिन्दूर के बाद, मैं अपने अनुभव से कह रही हूँ — वेस्ट अफ्रीका के इन तीनों देशों ने एक स्वर में भारत के साथ खड़े होने का संकल्प लिया। सिएरा लियॉन और लाइबेरिया ने तो पहलगाम के विक्टिम्स के लिए अपने पार्लियामेंट में एक मिनट का मौन भी रखा। यह पहले असंभव था और यह इसलिए संभव हुआ – क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।
यू.ए.ई. हमारा इतना बड़ा स्ट्रेटेजिक पार्टनर है, वहाँ जाकर इंडियन डिस्पोरा ने कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी जी के बाद इतने वर्षों में कोई प्रधानमंत्री वहाँ नहीं आया था — लेकिन मोदी जी आए। वहाँ के इंडियन डिस्पोरा ने मुझसे कहा कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आए, तो इंडियन डिस्पोरा का सिर गर्व से ऊँचा हो गया। अब भारतीयों को एक अलग आदर, एक अलग सम्मान, एक अलग रेस्पेक्ट के साथ देखा जाता है। वह भारत अब विश्व की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बन गया है।
इसका बहुत बड़ा महत्व आपको ऑपरेशन सिन्दूर के बाद देखने को मिला है। इसी कारण आज पूरा विश्व भारत का गुणगान करता है और भारत के साथ खड़ा है। हम जो चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बने हैं — यह हमारी मातृशक्ति के बिना असंभव था। आख़िर जब देवताओं पर भी असुरों ने आक्रमण किया था, तो सबसे पहले मातृशक्ति का आह्वान हुआ था। इसी तरह, विकसित भारत की नींव भी मातृशक्ति के आधार पर ही रखी जा रही है।
सुश्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि आप देखिए — जिसने इस देश को बजट की आदत डाली, जिसने हमें बुडगेटिंग सिखाई, वही ऑथॉराइज्ड बैंकिंग का हिस्सा नहीं थी। इसीलिए पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार प्रधानमंत्री जन धन योजना लेकर आई, और मुझे यह कहते हुए अत्यंत प्रसन्नता होती है कि इसमें खुले आधे से ज़्यादा बैंक एकाउंट्स महिलाओं के नाम पर हैं। यही नहीं, मुद्रा योजना में दिए गए कुल लोन में से 68% हमारी मातृशक्ति ने लिए हैं।
अगर ड्रोन दीदी की बात करें, तो यह एक ऐसी योजना है जिसे मोदी सरकार लेकर आई, जहाँ महिलाओं का केवल आर्थिक सशक्तिकरण नहीं हो रहा, बल्कि हम कृषि में टेक्नोलॉजी को लिवरेज करके परंपरा और प्रक्रिया दोनों को और आधुनिक बना रहे हैं। एक करोड़ लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हमने पूरा कर लिया है और अब उसे बढ़ाकर 3 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है। 18वीं लोकसभा आखिरी लोकसभा होगी जहाँ हम वीमेन को अंडर रिप्रजेंटेड देख रहे हैं। क्योंकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि 2029 से स्टेट लेजिस्लेटिव अस्सेम्ब्लीज़ और संसद — दोनों में 33% आरक्षण मेरी देश की नारी शक्ति के लिए होगा। यानि नारी शक्ति भारत की भाग्य विधाता बनेगी और भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगी।
आर्थिक सशक्तिकरण की अगर हम बात करें, तो विकसित भारत की नींव हमारे युवा को सशक्त किए बिना अधूरी है। आज के दिन आप देखिए कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में भारत तिसरा सबसे बड़े इकोसिस्टम बन गया है। अगिनत आपको यहाँ मिलेंगे, और यह सब केवल स्टार्टअप इंडिया जैसी क्रांतिकारी योजनाओं के कारण संभव हुआ है। अगर हम आर्थिक सशक्तिकरण की बात करें, तो इंफ्रास्ट्रक्चर में जो बड़ा क्रांति आया है, वह देखने योग्य है।



