अध्यक्ष भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा अयोध्या में अन्तर्देशीय जल परिवहन की समीक्षा की गयी
इलेक्ट्रिक कैटामरान का सरयू में किया निरीक्षण और अधिकारियों के साथ बैठक

अयोध्या : विजय कुमार (आई.ए.एस) चेयरमेन भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) अयोध्या आए और मण्डलायुक्त सभागार कक्ष में जिलाधिकारी अयोध्या चन्द्र विजय सिंह, उपाध्यक्ष अयोध्या विकास प्राधिकरण अश्वनी कुमार पाण्डेय, आरटीओ अयोध्या मण्डल ऋतु सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम अयोध्या, मुख्य अभियंता स्टेट वाटर ट्रांसपोर्ट ए.के. मिश्रा, पर्यटन निगम, सिंचाई विभाग आदि के अधिकारीगण के साथ बैठक की। बैठक में अयोध्या में जलयान टेक- ओवर, गुप्तारघाट से नयाघाट तक संचालन, इनलैण्ड वेसल एक्ट 2021 के अन्तर्गत पंजीयन, सर्वे, आदि पर चर्चा हुई। निर्देश दिये गये कि पेट्रोल डीजल के स्थान पर ग्रीन फ्यूल वाले जलयानों जैसे इलेक्ट्रिक कैटामरान से संचालन को बढावा दिया जाय। जल्द ही पर्यटन निगम के उच्चाधिकारियों से समन्वय कर टेक-ओवर लिया जाय।

अध्यक्ष विजय कुमार ने जानकारी दी कि इसका भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से प्रयासरत है कि वेहतर जल परिवहन सुविधा जल्द से जल्द अयोध्या को मिलें और पर्यटन को बढ़ावा मिलें। इसके लिये एमओयू सितम्बर-2023 में साईन किया गया है और पर्यटन विभाग को निर्देशित किया गया है कि इसके अनुसार कार्य करें। ड्रेजिंग का कार्य जल्द शुरू होगा और सिंचाई विभाग को निर्देश दिये गये। भारत सरकार द्वारा जलयानों के पंजीयन हेतु पूरे देश में पंजीयन संबंधी एक जैसी व्यवस्था लागू करने के लिये पोर्टल विकसित किया जा रहा है जो लगभग 02 माह में प्रारम्भ होने की आशा है। जिलाधिकारी और उपाध्यक्ष महोदय ने जलयान संबंधी प्रगति से अवगत कराया और आश्वस्त कराया कि टीम वर्क द्वारा समस्त कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करा लिये जाएंगे। आरटीओ ऋतु सिंह द्वारा बताया गया कि भारत सरकार द्वारा प्रख्यापित नियमावलियों को उत्तर प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में तैयार किये जाने की कार्यवाही वर्तमान में प्रचलित है।
इससे पूर्व गुप्तार घाट से नया घाट तक इलेक्ट्रिक कैटामरान में यात्राकर कैटामरान की विशेषताओं की जानकारी ली और निरीक्षण किया। इस दौरान उपाध्यक्ष महोदय, आरटीओ प्रशासन, मुख्य अभियंता, उप-जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद थे।



