राधे तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए …
मनौतियों के राजा गणेशोत्सव - पांचवा दिन

लखनऊ। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से झूलेलाल वाटिका में चल रहे 19वें श्री गणेश महोत्सव के पांचवे दिन बुधवार को अयोध्या वाराणसी के आचार्यों कौशलेश पांडेय, आशुतोष मिश्रा, हरिनारायण तिवारी, कमलेश तिवारी द्वारा मंत्रों के साथ मंगलमूर्ति की पूजा अर्चना की गई। बाद मे दूर्वाभिषेक का कार्यक्रम हुआ। इसमें भगवान गणेश के 108 नामों के साथ दुर्वा चढ़ाई गई। आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ गजानन के नाम लेते हुए दुर्वा चढाई।
शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कोलकाता के भजन गायक संजय शर्मा ने श्री गणेश के चरणों में भजनों की श्रंखला पेश की। राधा अष्टमी के अवसर पर बप्पा के दरबार में राधा रानी की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई झांकी के दौरान संजय शर्मा ने एक भजन ” राधे तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाए …,” सुनाया तो लोग झूमने लगे। उसके बाद मनौतियों के राजा पर एक भजन “बप्पा ने दरबार लगाया है …”, सुनाया। उसके बाद एक और भजन मेरा कसके पकड़ लो हाथ छुडाऊ तो छुड़ाया ना जाए …,” सुनाया।
भगवान भाव के भूखे होते हैं यदि उन्हें प्रेम भक्ति से भक्त बुलाए तो वह दौड़े चले आते हैं। भक्ति के आगे भगवान जात-पात उच्च नीच धन और दौलत नहीं देखते हैं। भगवान भक्त की भक्ति को देखते है। कुछ इसी प्रकार आज एक नाटिका का मंचन कोलकाता के संजय शर्मा के निर्देशन मे मंचन किया गया। जिसे लोगों ने बहुत सराहा। कर्मा बाई ने अपनी सच्ची भक्ति से भगवान् को अपने घर पर भोजन के लिए बुलाया। भगवान श्याम सुंदर कर्मा बाई की भक्ति पर इतना प्रसन्न हो गये कि उसकी बनाई हुई खिचड़ी को प्रेम पूर्वक ग्रहण किया और उसे दर्शन का लाभ दिया। कर्मा बाई ने इस भजन “जीमो म्हरा़ श्याम धनी …,” गीत को गाकर खिचडी के भोग के लिए भगवान् को बुलाया। संजय ने लोगों को बताया कि भगवान् माता शबरी की भक्ति के कारण ही उसकी कुटिया गये और उसके जूठे बेर को गृहण किया। प्रभु श्रीराम उसपर इतना प्रसन्न हुए कि उसको नवधा भक्ति प्रदान की। इससे पहले सिद्धू महाराज के निर्देशन में नृत्य कार्यक्रम हुआ। यहां भक्तों ने परिसर में लगे मेले का भी आनंद लिया।
इस मौके पर कमेटी के भारत भूषण गुप्ता, घनश्यामदास अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, संजय सिंह गांधी, जयकरण सिंह, पार्षद रंजीत सिंह, शरद अग्रवाल, योगेश बंसल, अतुल बंसल, अखिलेश बंसल, रामशंकर वर्मा, गोपाल अग्रवाल, सुधांशु बाथम मौजूद रहे।



