शायरे एहलबैत हिलाल नक़वी, ख़ान बहादुर नवाब सैय्यद हामिद हुसैन ख़ान अवार्ड से सम्मानित

लखनऊ । सल्तनत मंज़िल, हामिद रोड, निकट सिटी स्टेशन, लखनऊ में सालाना मजलिसे अज़ा व तरही बज़मे मुसालमे का आयोजन हुआ। जिसमें लखनऊ के बुद्धिजीवियों, अदीब, शोअरा और उलमा ने बड़ी तादाद में शिरकत की। निज़ामात के फ़रायेज़ जनाब दर्द हैलोरी ने अदा किये।
आगाज़ क़ारी नदीम नजफ़ी ने टिलावत ए कलाम पाक से की।”शब्बीर आज क़ैद से आज़ाद हो गयें” के उन्वान से मजलिस को मौलाना सैयद मोहम्मद सक्लैन बाक़री साहेब ने ख़िताब किया। मजलिस को मौलाना ने मिसरे तरह के उन्वान पर पढ़ी जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। कामयाब मजलिस के बाद मुसालमे के आयोजक प्रोफ़ेसर सैयद अली हामिद और जनाब सैयद मासूम रज़ा, एडवोकेट की जानिब से शायरे एहलेबैत जनाब हिलाल नक़वी की ख़िदमत में मौलाना के हाथों ख़ान बहादुर नवाब सैयद हामिद हुसैन ख़ान अवार्ड और शाल पेश किया गया। मजलिस और अवार्ड के बाद मुसालमें में तशरीफ़ लायें हुए शायरे एहलेबैत ने अपना अपना कलाम पेश किया। कार्याक्रम के अंत में प्रोफेसर सैयद अली हामिद और जनाब सैयद मासूम रज़ा,एडवोकेट ने सभी मेहमानों व मोमेनीनो का शुक्रिया अदा किया।



