कृषि मंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल सहित हैदराबाद में किया सीड पार्क एवं चावल अनुसंधान संस्थान का दौरा
कृषि राज्यमंत्री तथा मुख्यमंत्री सलाहकार भी रहे दौरे में शामिल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर तथा अन्नदाताओं की आमदनी की प्रचुर संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और के.वी. राजू के द्वारा हैदराबाद (तेलंगाना) में सीड पार्क, भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के श्री अन्न अनुसंधान संस्थान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कृषि विभाग के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान, राजेंद्रनगर में वहाँ के वैज्ञानिकों के साथ धान की उत्पादकता बढ़ाने हेतु मौसम प्रतिरोधी, जल जमाव तथा कम पानी में होने वाले वेराइटी को विकसित किये जाने पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त कुपोषण के समाधान के दृष्टि से जिंक, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से युक्त (फ़ोर्टिफ़ाइड) बीज की वेराइटी निकालने और उत्तर प्रदेश में अपने नालेज और टेक्नोलॉजी के प्रसार के दृष्टि से परस्पर सहयोग करने के लिए आग्रह किया। उनसे समय सीमा में इस प्रस्ताव के लिए एमओयू किया जाय, जिससे धान के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका अदा कर सके।
हैदराबाद (तेलंगाना) में भ्रमण के उपरान्त कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान वैश्विक श्री अन्न उत्कृष्टता केन्द्र और उनके शोध प्रक्षेत्र का भ्रमण कर संस्थान में मिलेट्स पर हो रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त किया। इसके साथ उसके प्रसंस्करण इकाई, स्टार्टअप केन्द्र तथा इनक्यूबेशन सेन्टर में भ्रमण कर श्री अन्न के प्रसंस्करण, पैकेजिंग व्यवस्था और उत्पादों के निर्माण की जानकारी प्राप्त की। उत्तर प्रदेश में इनका एक उप केन्द्र खोलने तथा नालेज और टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में सहयोग करने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालय के साथ परस्पर सहयोग हेतु डवन करने पर सहमति बनी। आगामी ख़रीफ़ सीजन की उत्पादकता बढ़ाने और मोटे अनाजों के आच्छादन क्षेत्र को बढ़ाये जाने के लिए ज्वार, सांवा, कोदो, कंगनी, काकुन, और चीना के बीज अभी से बुक कर उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराया जा सके इस पर चर्चा की गयी। कृषि राज्यमंत्री श्री बलदेव सिंह औलख ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को देखते हुए मोटा अनाज एवं चावल का उत्पादन बढ़ाने के क्षेत्र में आज के भ्रमण का अनुभव कृषि क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी तथा के.वी. राजू ने अपने सुझाव में कहा कि प्रतिकूल मौसम में भी धान की अच्छी पैदावार कैसे ली जाये इस पर भी चावल के शोध में लगे हुए वैज्ञानिकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
इस दौरान प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र सिंह, निदेशक कृषि जितेंद्र तोमर, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के निदेशक एस.बी. सिंह, अपर निदेशक बीज/परिक्षेत्र अरविन्द कुमार सिंह, उपनिदेशक कृषि बीज एवं प्रक्षेत्र ए.के. श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक कृषि बीपी सिंह, नोजीवीडू सीड कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के. प्रवीण कुमार, श्री राम सीड कंपनी के एम.डी. राम बाबू, कावेरी सीड कंपनी के सप्लाई चैन के हेड एस.पी. राव, उपस्थित रहे।



