निर्बल विकास जन कल्याण सेवा संस्थान किला चौराहा स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण

लखनऊ : भारतीय सविंधान के निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के मौके पर आज 14 अप्रैल 2024 को निर्बल विकास जन कल्याण सेवा संस्थान के तत्वावधान में किला चौराहा स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण/ पुष्पजलि अर्पित करते हुए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया । मुख्य रूप से संस्थान की संरक्षक माननीय गंगा देवी जी उपस्थिति रही ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के महासचिव रमेश सिंह रवि ने किया एवं संचालन सयुंक्त मंत्री सुलेखा ने किया ।
बाबा साहेब के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए सगठन के महासचिव रमेश सिंह रवि ने कहा कि बाबा साहब द्वारा समाज को एकता के सूत्र में पिरोने और देश के संविधान में समाज के दबे कुचले एवं वंचितों को जो अधिकार प्रदान किये गये उससे हम सभी को प्रेरणा लेने की चाहिए की आवश्यकता है। बाबा साहब ने महिलाओं को पुरुषों के बराबर समाज अधिकार दिलाने और उन्हें बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष किया। महिलाओं के प्रति समाज में उच्च आदर्श स्थापित हो इसके लिए वह निरंतर प्रयास रहो.

इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के सामाजिक सदभाव स्थापित करने वाला महापुरुष बताया और उनके पदचिन्हो पर चलकर जातीयता की भावना से दूर रहने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहब जन-जन में प्रेरणा के रूप में है उनके जीवन को आदर्श मानते हुए कहा कि मानव जीवन में अनेकों बाधाएं संघर्ष को याद करते हैं उसे ही दुनिया याद करती है और बाबा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर उनमे से एक है । बाबा साहब ने अपने जीवन में देश के दबे- कुचले लोगों के हक व सम्मान के लिए संघर्ष किया । उन्होंने केवल दलितों के लिए ही नहीं बल्कि पिछड़े, गरीबों, मजदूरों, किसानो, युवाओं, महिलाओं आदि सभी को सम्मान दिलाया । बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर के मन मस्तिष्क और समूचे जीवन दर्शन में भारतीय-भारतीयता व मानवता कूट-कूटकर भरी हुई दिखाई देती थी ।और बाबा साहेब द्वारा बनाये गये संविधान के कारण ही देश में किसानों, नौजवानों, दलितों,पिछडो एवं महिलाओं को अपना अधिकार प्राप्त हुआ है और बाबा साहेब डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान व राष्ट्रहित में किये गये योगदान को देशवासी सदैव याद रखेंगे जब तक देश में भुखमरी, बेरोजगारी,और गरीबों का शोषण जारी रहेगा । हम सभी को आपसी मतभेद भुलाकर करके बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए तभी बाबा साहब का सपना पूरा होगा ।

कार्यक्रम मुख्य रूप नंद किशोर यादव, विभूति शुक्ला, रूबी राय,गीता लोधी, दीपा यादव, विशाल कुमार, ललिता सिंह, कुसुम गौतम, सुमन देवी, मंजू गौतम, कपिल सिंह,देश राज गौतम, कामता प्रसाद पाल,अमन सिंह, रितिक कुमार, उमेश रावत, आदि माल्यार्पण कर अर्पित किए ।



