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कृषि क्षेत्र में सहयोग करेगा आस्ट्रेलिया : कृषि मंत्री

लखनऊ : बुधवार को कृषि मंत्री  के आवास-8 कालीदास मार्ग, लखनऊ में आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त एवं उनकी टीम के साथ कृषि मंत्री , अपर मुख्य सचिव (कृषि) एवं कृषि निदेशक की उपस्थिति में भारत और आस्ट्रेलिया के मध्य कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए विस्तृत चर्चा की गयी। उच्चायुक्त आस्ट्रेलिया द्वारा अवगत कराया गया कि वो दो क्षेत्रों यथा कृषि एवं शिक्षा के क्षेत्र में भारत के साथ कार्य करने हेतु इच्छुक हैं। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि कृषि के क्षेत्र में माइक्रो इरीगेशन, उत्पादन एवं तकनीकी हस्तानांतरण के क्षेत्र में आस्ट्रेलिया की तकनीकी टीम द्वारा चर्चा हेतु लोक सभा चुनाव के उपरान्त भारत आकर उत्तर प्रदेश में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की जायेगी।

इस दौरान कृषि मंत्री द्वारा आस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त एवं उनकी टीम को अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश में 05 कृषि विश्वविद्यालय एवं 89 किसान विज्ञान केन्द्र स्थापित हैं। कृषि विश्वविद्यालयों में कृषि शिक्षा के साथ-साथ शोध एवं प्रचार आदि का कार्य भी तकनीकी हस्तनान्तरण के माध्यम से किया जाता है। कृषि शिक्षा में सुधार लाने हेतु उच्चायुक्त आस्ट्रेलिया द्वारा अवगत कराया गया कि उनका देश उत्तर प्रदेश में आस्ट्रेलिया के कृषि विश्वविद्यालय की शाखा खोलने की इच्छुक हैं जिसमें भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में अत्याधिक ध्यान दिया गया है तथा ई-गर्वेनेन्स के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को किसानों तक पहॅुचा रहे है।
उच्चायुक्त आस्ट्रेलिया द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि उनके देश में दुग्ध उत्पादन का औसत 20ली0 प्रति गाय प्रतिदिन है तथा आस्ट्रेलिया में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र मे उच्च तकनीकी उपलब्ध है इसके लिए भी आस्ट्रेलिया उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने की तकनीकी हस्तनान्तरण के लिए इच्छुक है। उनके द्वारा मल्टी फार्मिंग को बढ़ाने, उद्यान के अन्तर्गत फूल, सब्जी के उत्पादन में सहयोग किये जाने हेतु इच्छुक है। अंत में उच्चायुक्त आस्ट्रेलिया द्वारा बताया गया कि जल्दी ही एक आस्ट्रेलिया कृषि सम्बन्धी एक्सपर्ट टीम भारत आकर विस्तार से चर्चा करेगी तथा दुग्ध विकास एवं कृषि के क्षेत्र में यथाशीघ्र एमओयू किया जायेगा ताकि उत्तर प्रदेश के किसानों को इसका पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।
अपर मुख्य सचिव (कृषि) द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में ऑनलाइन व्यवस्था के अन्तर्गत किसानों के डी0बी0टी0 के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ अनुदान हस्तानान्तरित किया जा रहा है। प्रदेश के किसानों को शत-प्रतिशत लाभ दिया जा रहा है, उन्होंने यह भी बताया कि दलहन, तिलहन एवं मिलेट के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में दलहन, तिलहन एवं मिलेट का उत्पादन बढाया गया है, जिससे से कुपोषण से छुटकारा पाया जा सके।
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओ ए एम ने अपने उच्चायोग विदेश मंत्रालय के  माइकल रीस द्वितीय सचिव,  टॉम ओवर्टन क्लार्क द्वितीय सचिव एवं वंदना सेठ वरिष्ठ अनुसन्धान अधिकारी के साथ डा. राजशेखर जी सचिव कृषि, डा. जितेन्द्र कुमार तोमर निदेशक कृषि उपस्थित रहे।

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