दिल्ली सरकार के स्कूलों के खेल मानक में सुधार के लिए 9 वर्षों में कुछ नहीं किया है : बांसुरी स्वराज

नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा सचिव बांसुरी स्वराज ने कहा है कि दिल्ली की शिक्षा मंत्री सुश्री आतिशी के ब्यान को देखकर दिल्ली के लोग हैरान हैं जिसमे सुश्री आतिशी ने कहा है कि खेल भी एक छात्र के समग्र विकास के लिए शिक्षा जितना ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिल्ली सरकार ने पिछले 9 वर्षों में यह स्थापित करने के लिए कुछ भी नहीं किया है कि वह वास्तव में दिल्ली सरकार के स्कूलों में खेल विकास के लिए चिंतित है।
बांसुरी स्वराज ने कहा है कि 4 साल पहले दिल्ली सरकार ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी लेकिन आज तक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को विकसित करने के लिए एक ईंट भी नहीं उठाई गई.
2021 में सिविल लाइंस में एक स्पोर्ट्स स्कूल की भी घोषणा की गई थी, लेकिन यह भी एक फ्लॉप शो है, जिसमें सरकार ने बमुश्किल 90 बच्चों का नामांकन किया है।
ऐसा लगता है कि दिल्ली सरकार का मानना है कि 2 करोड़ की आबादी में मुश्किल से 90 बच्चे खिलाड़ी बनने की क्षमता रखते हैं, वरना आज स्पोर्ट्स स्कूल में कम से कम 1000 से अधिक संभावित खिलाड़ी नामांकित होने चाहिए थे।
दिल्ली भाजपा सचिव बांसुरी स्वराज ने कहा है कि यह दिल्लीवासियों को शर्मसार और स्तब्ध कर देने वाला है कि दिल्ली सरकार खेल बुनियादी ढांचे के विकास और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए अपने 1045 स्कूलों में से प्रत्येक को मात्र 20000 प्रति वर्ष देती है। एक गणना बताती है कि केजरीवाल सरकार बमुश्किल रुपये आवंटित करती है। अपने 18 लाख छात्रों में से प्रत्येक को अपनी खेल गतिविधियों को विकसित करने के लिए प्रति वर्ष मात्र 15 रुपए प्रति छात्र देती है।
बांसुरी स्वराज ने कहा है कि दिल्लीवासियों को और भी अधिक झटका इस बात से लगा है कि केजरीवाल सरकार विशेषकर सुश्री आतिशी हर दूसरे दिन शैक्षिक क्रांति का दावा करती पर इस वर्ष आज तक 1045 स्कूलों को आवंटित रुपये 20 हजार रूपए तक नही दिये गये है।
भले ही आतिशी को कल केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करके खुशी महसूस हुई, दिल्ली के लोग सुश्री आतिशी से जानना चाहते हैं की आखिर क्यों इस वर्ष दिल्ली सरकार के 99 प्रतिशत स्कूलों में वार्षिक खेल दिवस का आयोजन नहीं किया गया है।


