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रेलवे द्वारा स्वनिर्मित वेब आधारित IR-NIYANTRAC एपलीकेशन लॉच किया गया

जोकि वास्तविक समय (Real Time Monitoring) के आधार पर रेलवे के विभिन्न प्रभागों/क्षेत्रों से सुरक्षित तथा मानक के अनुसार विद्युत संपत्तियों और ऊर्जा प्रबंधन से संबंधित डेटा प्राप्त कर उनका संग्रह एवं विश्लेषण करने में सक्षम होगा

लखनऊ । भारतीय रेलवे में अभी तक रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से संबंधित विद्युत चालित उपकरणों एवं विद्युत ऊर्जा का संचालन और रखरखाव की निगरानी ज्यादातर मैनुअल तरीके से होती रही है तथा प्राप्त आंकड़ों को फील्ड स्टाफ द्वारा रजिस्टरों में रखा जाता रहा है। विगत कुछ समय से उपरोक्त की केंद्रीकृत निगरानी, पूर्व में प्राप्त डेटा के एकीकरण एवं विश्लेषण तथा भविष्य में प्रदर्शन करने के लिए मानक तय करने के लिए एक विश्वसनीय तथा पारदर्शी सूचना प्रणाली होने की प्रमुख रूप से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

इस सम्बन्ध में रेलवे द्वारा स्वनिर्मित वेब आधारित IR-NIYANTRAC एपलीकेशन लॉच किया गया है। जोकि वास्तविक समय (Real Time Monitoring) के आधार पर रेलवे के विभिन्न प्रभागों/क्षेत्रों से सुरक्षित तथा मानक के अनुसार विद्युत संपत्तियों और ऊर्जा प्रबंधन से संबंधित डेटा प्राप्त कर उनका संग्रह एवं विश्लेषण करने में सक्षम होगा।
IR-NIYANTRAC एक संपूर्ण एप्लिकेशन प्लेटफॉर्म होगा जिसे CRIS द्वारा विद्युत संपत्तियों और ऊर्जा की निगरानी और नियंत्रण के लिए तैनात किया जाएगा। जिससे रेलवे स्टेशनों व रेल परिसरों में क्रियाशील विभिन्न विद्युत उपकरण, ‘जीएसएम’ आधारित 3जी/4जी मॉड्यूल के माध्यम से ‘क्लाउड’ आधारित केंद्रीकृत सर्वर से लिंक होगा।


मौजूदा संपत्तियों की मैपिंग के अलावा, इसमें विभिन्न प्रकार के सेंसर के साथ नई संपत्तियों को जोड़ने की क्षमता होगी, जिन्हें विभिन्न प्रकार के उपकरणों के साथ एकीकृत किया जा सकता है तथा जिन्हें समय-समय पर भारतीय रेलवे की विभिन्न विद्युत संपत्तियों में स्थापित किया जाएगा।
यह प्लेटफॉर्म भारतीय रेलवे को न केवल मानकीकृत तरीके से विभिन्न क्षेत्रों/मंडलों में अपने वास्तविक समय के ऊर्जा उपयोग की कुशलता से निगरानी करने में सक्षम करेगा, बल्कि विद्युत ऊर्जा के अपव्यय की पहचान करने, नए लक्ष्य निर्धारित करने और पूर्वानुमानित विश्लेषण के साथ प्रदर्शन की निगरानी के लिए एक एकीकृत डेटा विश्लेषण मंच भी प्रदान करेगा।
IR-NIYANTRAC सिस्टम की मॉनिटरिंग फील्ड स्तर पर संबंधित सुपरवाईजरों तथा मण्डल मुख्यालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। निगरानी तथा नियंत्रण ऑन लाईन माध्यम से होगी तथा यह सिस्टम पासवर्ड प्रोटेक्शन से लैस रहेगा। शुरुआती दौर में यह सिस्टम मण्डल के 18 स्टेशनों पर क्रियाशील रहेगा। इस सिस्टम की लागत लगभग 03 करोड़ रुपया है तथा यह 30 जून 2024 तक लागू कर दिया जाएगा।


ज्ञात हो कि  14 दिसम्बर को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय उर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मण्डल द्वारा ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जाता रहा है जिसके लिए लखनऊ मण्डल को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर विशिष्ट पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इस वर्ष मण्डल ने सौर ऊर्जा के माध्यम से चालू वित्त वर्ष के माह अप्रैल से माह नवम्बर 2023 तक लगभग ग्यारह लाख तिरपन हजार नौ सौ तिरसठ यूनिट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन किया है। जिसके परिणाम स्वरुप लगभग सत्तावन लाख सत्तर हजार रुपये के राजस्व की बचत हुयी है।

 

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