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डा. प्रभात कुमार के विरुद्ध उ.प्र. भारत स्काउट और गाइड के प्रदेशीय निर्वाचन मे की गई धांधली एवं अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराकर कार्यवाही किए जाने की मुख्यमंत्री से मांग

लखनऊ : मुख्यमंत्री का नजदीकी बताकर लोकतन्त्र की हत्या करने वाले डा. प्रभात कुमार के विरुद्ध उ.प्र. भारत स्काउट और गाइड के प्रदेशीय निर्वाचन मे की गई धांधली एवं अनियमितताओं की सेवानिवृत्त जज से न्यायिक जांच कराकर प्रभावी कार्यवाही किए जाने की उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डा. आर.पी. मिश्र एवं प्रदेशीय मंत्री डा. आर. के. त्रिवेदी ने  मुख्यमंत्री से मांग की है। साथ ही में संघर्ष के पहले चरण में ‘उत्तर प्रदेश भारत स्काउट गाइड संस्था बचाओ अभियान‘‘ के अन्तर्गत शिक्षक संघ के पदाधिकारी डा. प्रभात कुमार के काले करनामों को उजागार करने के लिए उ0प्र0 भारत स्काउट और गाइड की की मुख्य संरक्षक  राज्यपाल, संरक्षक मा0 मुख्यमंत्री, प्रदेश के सांसदगण, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, विधायक गण एवं अन्य जनप्रतिनिधों से मिलकर स्काउट गाइड संस्था बचाओ का विशेष अभियान चलाएगे। उनसे स्काउट गाइड संस्था बचानें में सहयोग की अपील करेगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डा0 आर0पी0 मिश्र एवं प्रदेशीय मंत्री डा आर0के0 त्रिवेदी ने आज प्रेस क्लब में आयोजित पे्रस वार्ता में बताया कि स्काउट गाइड संस्था में कब्जा बनाए रखने के लिए पहले डा0 प्रभात कुमार द्वारा मनमाने तरीके से नियमावली में संशोधन करवाये गए और ऐसी व्यवस्था की गई कि जिस से डा0 प्रभात कुमार आजीवन मुख्यायुक्त बने रहे। मुख्यायुक्त के नामांकन के लिए राष्ट्रीय मुख्यालय की नियमावली में दी गई अर्हता सम्बन्धी अवधि को 05 वर्ष से घटाकर चार वर्ष कर लिया क्यो कि डा0 प्रभात कुमार निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होने तक 05 वर्ष की निर्धारित अर्हता पूरी नही करते थे। जब शिक्षा निदेशक माध्यमिक डा0 महेन्द्र देव ने अर्हता पूरी होने के कारण मुख्यायुक्त का चुनाव लड़ने की घोषणा की तो डा0 प्रभात कुमार ने डा0 महेन्द्र देव के नामाकंन खारिज कराये जाने के लिए षडयन्त्र शुरू कर दिया। पहले डा0 प्रभात कुमार ने अपने आई0ए0एस0 का रौब दिखाकर अनेक जनपदों के जिलाधिकारियों के माध्यम से उन्ही जनपदों के मतदाताओं से अपने पक्ष में नामांकन भरा लिए जिनके द्वारा पहले ही डा0 महेन्द्र देव के पक्ष मे नामाकंन भरे जा चुके थे।
इतना ही नहीं डा0 प्रभात कुमार द्वारा सुनियोजित षंडयन्त्र के तहत जिन जनपदों के मतदाताओ द्वारा किसी भी दबाव में डा0 प्रभात कुमार के पक्ष में नामांकन नही भरे गए थे। निर्वाचन अधिकारी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के साथ बन्द कमरे में स्कुटनी करने के बहाने फर्जी निर्वाचन फार्म भरकर डा0 प्रभात कुमार के नामाकंन में लगा दिये गए जिससे डा0 महेन्द्र देव का नामांकन खारिज हो जाए।
डा0 प्रभात कुमार ने निर्वाचन अपने पक्ष मे कराने के लिए पहले षंडयन्त्र पूर्व 75 जनपदों में से 34 जनपदों को इलेक्टोरेल सूची से अलग कर मतदान के अधिकार से वंचित करा दिया। जिनके पदाधिकारी उनकी नीतियों का विरोध करते है इतना ही नहीं मुख्यमंत्री के विद्यालय महाराणा प्रताप इण्टर कालेज, गोरखपुर के प्रधानाचार्य अरूण कुमार सिंह, जो वर्तमान मुख्यायुक्त डा0 प्रभात कुमार की नीतियों के विरोधी थे, को मताधिकार से वंचित कर दिया गया।
वर्तमान मुख्यायुक्त ने निर्वाचन अधिकारी आनन्द सिंह रावत को सेवानिवृत्ति के बाद अनियमित रूप से तीन वर्षों से प्रादेशिक सचिव नियुक्त कर रखा है। जिसके कारण निर्वाचन अधिकारी पर डा0 प्रभात कुमार का विशेष दबाव है। इसीलिए डा0 प्रभात कुमार के प्रत्याशी होने के बावजूद निर्वाचित अधिकारी दिनभर निर्वाचन अधिकारी को फोन पर निर्देश देते रहे जिसकी टेलीफोन काॅल डिटेल से पुष्टि की जा सकती है।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि  07 दिसम्बर, 2023 को निर्वाचन अधिकारी द्वारा बन्द कमरे में दिनभर स्कूटनी कि गई और स्कूटनी के नाम पर नामाकंन पत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई। सायः लगभग 07 बजे ए0सी0एम0 पंचम तथा महानगर क्षेत्र की ए0सी0पी0 नेहा त्रिपाठी की उपस्थिति मे डा0 महेन्द्र देव के नामाकंन पत्रों की जांच की गई जिसमें वाराणसी सहित कई जनपदों से प्रस्तावित नामाकंन वैध पाये गये थे। जाॅच के समय वाराणसी से प्रस्तावक डा. हरेन्द्र राय तथा डा0 महेन्द्र देव के प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह उपस्थित थे। निर्वाचन अधिकारी ने जाॅच करने के पश्चात नामाकंन वैध पाये जाने की लिखित सूचना सायं 07ः16 मिनट पर महेन्द्र देव के प्रतिनिधि महेन्द्र सिंह को उपलब्ध कराई थी। जिसकी सी0सी0टी0वी0 फुटेज भी उपलब्ध है।
सायं जब लगभग 07 बजे डा0 महेन्द्र देव के नामाकंन पत्रों की जांच कर निर्वाचन अधिकारी ने उनके नामाकंन को ए0सी0सी0 पंचम एवं महानगर क्षेत्र की ए0सी0पी0 नेहा त्रिपाठी की उपस्थिति में वैध घोषित किया तो सूचना पाकर लगभग 7ः20 बजे डा.प्रभात कुमार निर्वाचन अधिकारी के कक्ष मे बैठकर निर्वाचन अधिकारी से हम लोगों के समक्ष ही डा. महेन्द्र देव के नामाकंन को वैध घोषित कर लिखित रूप से देने का विरोध करने लगे। इतना ही नही जब डा. प्रभात कुमार ने बाहर मौजूद प्रधानाचार्यों एवं वरिष्ठ शिक्षधिकारियों को गुण्डा कहा तो वहा पर मौजूद संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डा. आर.पी. मिश्र ने डा0 प्रभात कुमार की जमकर लताड़ लगाई तब डा0 प्रभात कुमार शान्त हुए। इसके पश्चात सभी लोग वहाॅ से चले गये लेकिन डा. प्रभात कुमार निर्वाचन अधिकारी के कमरे में बैठे रहे। बाद में जानकारी मिली की देर रात डा प्रभात कुमार ने अपने सहयोगियो के साथ निर्वाचन अधिकारी आनन्द सिंह रावत को नौकरी से निकाल देने की धमकी देकर जबरिया डा. महेन्द्र देव का नामाकंन खारिज करा लिया तथा स्वयं अपने को मुख्यायुक्त पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित करा लिया। यहाॅ सारा कार्य दिनांक 07 दिसम्बर, 2023 की देर रात ही नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा कर दी गई थी।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि उ.प्र. भारत स्काउट और गाइड को राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 01 करोड़ रूपये का अनुदान मिलता है तथा प्रदेश के छात्रों से करोड़ो रूपये की धनराशि जमा होती है। जिसका उपयोग छात्रहित में गतिविधियों में नही किया जाता है। स्काउट गाइड एक निजी संस्था है लेकिन सरकार द्वारा अनुदान और छात्रों से ली जा रही फीस के कारण राज्य सरकार का इस पर नियंत्रण का पूरा अधिकार है।
प्रेस वार्ता में उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ कंे प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता डा. आर.पी. मिश्र, महामंत्री नरेन्द्र कुमार वर्मा, प्रदेशीय मंत्री डा. आर.के. त्रिवेदी, जिलामंत्री महेश चन्द्र, कोषाध्यक्ष विश्वजीत सिंह, आय -व्यय निरीक्षक आलोक पाठक, राज्य परिषद सदस्य डा. पी.के.पन्त, उपाध्यक्ष आर.पी. सिंह, संघर्ष समिति संयोजक इनायत उल्लाह खां, संयुक्त मंत्री सुमित आजाॅय दास आदि उपस्थित थे।

 

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