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बीएचयू में छात्रा के साथ हुयी वारदात बेहद निंदनीय ज़िम्मेदारी ले सरकार: सख्त कार्यवाही की दरकार: डा. गिरीश

लखनऊ : प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी के अंतर्गत बीएचयू के आईआईटी की छात्रा के साथ हुयी भयावह वारदात हर नागरिक को झकझोरने वाली है। इसकी जितनी भर्त्सना की जाये कम है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इसकी कठोरतम शब्दों में निंदा करती है।

ज्ञात हो कि आईआईटी से बी. टैक कर रही छात्रा बुधवार को डिनर के बाद परिसर में टहलने निकली थी, जिसके साथ बुलट-सवार तीन शोहदों ने शर्मनाक वारदात की। उसे असलाहों के बल पर रोक कर धमकाया गया, साथी छात्र की पिटाई की गयी तथा छात्रा के कपड़े उतरवा कर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गईं। इतना ही नहीं दुस्साहसी शोहदों ने उसी हाल में छात्रा का वीडियो बनाया और उसका मोबायल छीन लिया।

यहाँ जारी एक प्रेस बयान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डा. गिरीश ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार यूं तो सभी मोर्चे पर विफल है, पर कानून व्यवस्था के मोर्चे पर तो और भी विफल है। बेटी बचाओ! बेटी पढ़ाओ! का नारा देने वाली सरकार के शासनकाल में गत दिनों हापुड़ में एक छात्रा को मोबायल लूट के लिए वाहन से घसीटा गया और गंभीर रूप से घायल छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई। इसी तरह अंबेडकर नगर में दिन दहाड़े 12वीं की छात्रा को दुपट्टा खींच कर गिराने और मोटर साइकिल चढ़ा कर मार डालने की घटना भी अभी कोई भूला नहीं है।

उत्तर प्रदेश की ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था के इस दौर में इस तरह की अनेकानेक वारदातों के बीच यह वारदात राज्य सरकार को इसलिए भी कठघरे में खड़ा करती है कि यह भारत के यशस्वी? प्रधानमंत्री के चुनाव क्षेत्र अंतर्गत आने वाले विश्व- प्रसिध्द शिक्षण संस्थान के परिसर में घटी है। वोटों के लिए आजकल महिलाओं के जुटान कर रही और महिला आरक्षण को त्रिशंकु की तरह आधार में लटकाने वाली भाजपा के न तो किसी नेता ने अभी तक खेद प्रकट किया है और नहीं मान्य प्रधानमन्त्रीजी और मुख्यमंत्रीजी का ही ट्वीट आया है। यह खेदजनक है।

पीड़ित छात्रा के प्रति गहरी सहानुभूति और उसे न्याय मिलने की उम्मीद जताते हुये डा. गिरीश ने कहा कि बाबा का बुलडोजर वहाँ नहीं चल रहा जहां इसे चलना चाहिए। ये वहाँ चलाया जा रहा है जहां चलाने से भाजपा को वोटों का लाभ मिलता है। सच कहा जाये तो बुलडोजरवाद वोटवाद के लिए है।

डा. गिरीश ने कहा कि दुनियाँ के लोकतान्त्रिक देशों में ऐसी घटनाओं की सत्तासीन लोग न केवल ज़िम्मेदारी लेते हैं बल्कि नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुये पद- त्याग तक कर देते हैं। पर लोकतन्त्र को ही रौंदने में लगे समूह से ऐसी उम्मीद करना व्यर्थ है। पर मेरा सभ्य समाज सरकार से अपराधियों पर कड़ी और शीघ्र कार्यवाही की उम्मीद तो कर ही सकता है।

 

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