सरकार को प्रदेश के सामान्य वातावरण में इस प्रकार जातीयता का भेदभाव नहीं पैदा करना चाहिए: सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी

लखनऊ । राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने प्रदेश सरकार पर अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों के सापेक्ष मांगे गये आवेदन में ओबीसी वर्ग की केवल 139 सीटे घोषित की गयी हैं जो लगभग 9 प्रतिशत हैं। जबकि 27 प्रतिशत आरक्षण ओबीसी वर्ग का अनुमन्य है। इसी प्रकार आईटीबीपी में सिपाही भर्ती के लिए कुल 52 पदों में ओबीसी वर्ग का कोटा शून्य रखा गया जो स्वयं में हास्यास्पद है और सरकार की आरक्षण विरोधी नीति का स्पष्ट परिचायक है।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि सरकार को प्रदेश के सामान्य वातावरण में इस प्रकार जातीयता का भेदभाव नहीं पैदा करना चाहिए और समाज के प्रत्येक वर्ग को उसका संवैधानिक हिस्सा मिलने के प्रति सरकार की सजगता आवष्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी का बोलबाला है और प्रदेश तथा केन्द्र की सरकारों ने युवाओं को झूठा लाॅलीपाप दिखाकर धोखा दिया है और अब उपरोक्त दोनो ही विज्ञापनों में अन्य पिछड़ा वर्ग को उनका वास्तविक स्थान नहीं दिया गया है।
रालोद मीडिया प्रभारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल की नीतियां समाज के सभी वर्गो के हित का ध्यान रखते हुये बनायी गयी हैं और किसान मसीहा चैधरी चरण सिंह से लेकर अब तक किसी भी वर्ग का अहित नहीं किया गया है और न ही उसकी भागीदारी की अवहेलना की गयी है। चौधरी साहब के द्वारा जलाई गयी मषाल को उनके सुपुत्र चौधरी अजित सिंह लेकर चलते रहे और अब राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयन्त सिंह उसी मशाल को लेकर समाज के बीच में जा रहे हैं जिसका ताजा उदाहरण उनका प्रदेश में घोषित समरसता अभियान है।



