बारह देशों से निकलने लगी है न्यूयॉर्क कांउसलेट के साथ ‘अनन्य’ नाम की हिंदी वेब पत्रिका : अनूप भार्गव
साहित्य अकादेमी द्वारा विश्व हिंदी दिवस एवं प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर प्रवासी मंच कार्यक्रम का आयोजन

रिपोर्ट-विनीता रानी विन्नी
नई दिल्ली। 10 जनवरी 2023; साहित्य अकादेमी द्वारा आज विश्व हिंदी दिवस एवं प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर प्रवासी मंच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में रेखा राजवंशी (आस्ट्रेलिया), जय वर्मा (यू.के.), अनीता कपूर (अमेरिका), सुरेश चंद्र शुक्ल (नार्वे), अनूप भार्गव (अमेरिका) एवं रजनी भार्गव (अमेरिका) ने भाग लिया

और अपने-अपने देशों में हिंदी की स्थिति और उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की।

सभी उपस्थित प्रवासी साहित्यकारों ने अपनी स्वरचित कुछ कविताओं का भी पाठ किया।

कविताओं के विषय मुख्यतः किसी अन्य धरती पर अपने देश भारत की याद से संबंधित थे।
कार्यक्रम में रचनाकारों ने विदेश में हिंदी के विकास के लिए कुछ सुझाव भी दिए,

जिनमें प्रमुख था एक ऐसी वेबसाइट का निर्माण जिसमें विभिन्न देशों में हिंदी पढ़ने-पढ़ाने के स्थानों का उल्लेख हो, जिससे कोई भी भारतीय किसी भी देश में जाए तो वहाँ हिंदी पढ़ने के लिए संपर्क कर सके।

सभी वक्ताओं ने बताया कि इन सभी जगहों में हिंदी की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और पिछले 25 वर्षों की तुलना में स्थिति काफी बदल चुकी है।
अब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, रेडियो स्टेशन एवं टी.वी. केंद्रों में हिंदी में सूचनाएँ/कार्यक्रम प्रसारित होते हैं।
अमेरिका से पधारे अनूप भार्गव ने न्यूयॉर्क कांउसलेट के साथ ‘अनन्य’ नाम की हिंदी वेब पत्रिका का उल्लेख करते हुए बताया कि यह अभी 12 देशों से निकलने लगी है
और इसमें वहाँ के हिंदी साहित्य के अतिरिक्त स्थानीय साहित्य का हिंदी अनुवाद भी प्रकाशित किया जाता है।
कार्यक्रम के आरंभ में साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने सभी उपस्थित प्रवासी साहित्यकारों का साहित्य अकादेमी की पुस्तकें भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

कार्यक्रम का संचालन अकादेमी के संपादक हिंदी अनुपम तिवारी ने किया।


