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पत्रकार सईद हाशमी के सम्मान में काव्य गोष्ठी का आयोजन

जौनपुर : नगर के मोहल्ला शेख मुहामीद स्थित अनवार मंज़िल शायर अनवारुल हक़ अनवार के आवास पर लखनऊ से आये पत्रकार,संस्थापक अध्यक्ष अदब कल्चर एंड वेलफेयर सोसाइटी उत्तर प्रदेश,डायरेक्टर हाशमी इंटरनेशनल टूर एन्ड ट्रेवेल्स सईद हाशमी के सम्मान में क़ासमी फाउंडेशन के बैनर तले एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी सरपरस्ती शायर अनवारुल हक़ अनवार और अध्यक्षता उस्ताद शायर अकरम जौनपुर ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सईद हाशमी मौजूद रहे।

प्रोग्राम की शुरुआत शायर मोनिस जौनपुरी ने नात ए पाक से किया उसके बाद कन्वीनर पत्रकार अजवद क़ासमी ने समस्त अतिथियों का गुलपोशी करके एवं तुग़रा भेंट करके अभिनन्द एवं स्वागत किया। उसके बाद बीते दिनों नगर के मुफ़्ती मोहल्ला में आयोजित ऑल यूपी तरही नज़्म ख़्वानी में प्रथम पुरुस्कार प्राप्त करने वाली अंजुमन फतह ए मोहम्मदिया ने शायर शजर जौनपुरी के कलाम को पढ़कर श्रोताओं को मनमुग्ध करदिया। साथ ही सम्मान समारोह में आये नगर के कवियों व शायरों ने अपने अपने कलाम पढ़कर लोगों से वाह वाह बटोरी। जिसकी कुछ पंक्तियां आपके समक्ष हैं.

शायर अकरम जौनपुरी के बोल थे :शोहरतों की कभी ख़्वाहिश नहीं होने पाती, हम फ़क़ीरों से नुमाइश नहीं होने पात.मज़हर आसिफ़ ने कुछ यूं कहा :ये जो सूरज सहर में डूबा है, इसमें साज़िश है कुछ सितारों की. शायर अनवारूल हक़ अनवार की रचना थी :बात करते हैं लाला ज़ारों की,परवरिश कर रहे हैं खारों की,

ख़लील इब्न ए असर जौनपुरी ने कहा :जो सुबह तलक चश्म ए फ़लक रोती रही है,क्या दामन ए गुल पे वही शबनम तो नहीं है.शायर शजर जौनपुरी का कहना था :दिये हैं जो तूने वो हैं ज़ख़्म कैसे, ज़रा ज़ख़्म ए ग़म की दवा बनके देखो.मुसताईंन जौनपुरी  का शेर था :पहले दिल व दिमाग़ गया फ़िर नज़र गयी, घुटनों के साथ साथ हमारी कमर गयी.

इसके अतिरिक्त मोनिस जौनपुरी,ज़िया जौनपुरी, अहमद हफ़ीज़,अमृत प्रकाश,आर पी सोनकर,शोहरत जौनपुरी ने भी काव्य पाठ किया

मुख्य अतिथि सईद हाशमी ने अपने सम्बोधन में कहा कि शीराज़ ए जौनपुर एक ऐतिहासिक जनपद है जिसके बारे में अक्सर किताबों में पढ़ता रहा और लोगों से सुनता था मगर आज मुझे स्वयं इस शहर की खूबसूरती को निहारने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और जौनपुर हिन्दू मुस्लिम एकता का हमेशा से अलम बरदार रहा है और आज समस्त शायरों का कलाम सुनकर मैं इस शहर के शिक्षा व अदब का केंद्र होने का क़ायल हो गया हुँ। उन्होंने कहा कि आज मैं इस मंच से एलान करता हूँ कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक कुलहिंद मुशायरा व कवी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जो अदब कल्चर एंड वेलफेयर सोसाइटी उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में होगा।

संचालन मज़हर आसिफ़ ने किया,अंत में कन्वीनर अजवद क़ासमी ने समस्त कवियों और श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अनवारुल हक़ गुड्डु,साजिद अलीम सभासद,कमालुद्दीन अंसारी,हफ़ीज़ शाह अध्यक्ष मरकज़ी सीरत कमेटी,अज़ीज़ फरीदी,अज़मत खान,अबुल ख़ैर,डॉ अर्शी नवाज़,मेराज अहमद,साजिद अनवार,माजिद अनवार,अशफ़ाक़ मंसूरी,कलीम अहमद,अज़हर शमीम,अंसार इदरीसी आदि उपस्थित रहे।

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