विशाखा गाइडलाइन के अनुसार महिलाओं के लिए बनाये गये प्रकोष्ठ का उल्लेख भी प्रस्ततिकरण में किया जाये: आनंदीबेन पटेल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने राजभवन के प्रज्ञाकक्ष में महात्मा ज्योतिबाफुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली के नैक ग्रेडिंग के लिए तैयार प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। ज्ञातव्य है कि विश्वविद्यालय इससे पूर्व वर्ष 2016 में नैक में ‘बी’ ग्रेड प्राप्त कर चुका है।
राज्यपाल ने नैक मूल्यांकन की तैयारियों के लिए गठित कमेटी के समन्वयकों से सभी सातों क्राइटेरिया पर बिंदुवार जानकारी ली तथा प्रस्तुतीकरण को और बेहतर बनाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में बायोगैस तथा आटोमेटिक किचेन की सुविधा अवश्य होना चाहिए। उन्होंने निर्धारित शब्दों में प्रत्येक क्राइटेरिया को संक्षेप में प्रस्तुत करने और साथ ही प्लेगियरिज्म को छात्रों को समझाने की सलाह भी दी। उन्होंने पुस्तकों के नवीनतम संस्करण से छात्रों को सदैव अद्यतन रखने तथा पर्यावरण की बेहतरी के लिए छात्रों तथा शिक्षकों द्वारा विश्वविद्यालय में किये गये संयुक्त प्रयासों को नैक प्रस्तुतीकरण में सम्मिलित करने तथा छात्रों को विश्वविद्यालय की प्रत्येक गतिविधि से अद्यतन रखने के लिए ‘यूनिवर्सिटी जरनल’ या पत्रिका नियमित रूप से प्रकाशित करने का सुझाव दिया।
राज्यपाल जी ने कुलपति प्रो. के.पी. सिंह को विश्वविद्यालय की सभी कमियों को अविलम्ब दूर करने तथा रिर्पोट में विश्वविद्यालय के विविध कार्य-कलापों को प्रमुखता से दर्शाने और एसएसआर को समयबद्ध रूप से जमा करने के लिए निर्देशित किया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में गूगल कक्षाओं की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पाठ्यक्रम को प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप बनाना होगा तथा एथिकल दृष्टिकोण से पाठ्यक्रम को संसोधित करने का सुझाव दिया ताकि पढ़ाई के साथ छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी चयनित हो सकें। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ संस्थानों के साथ हुए विश्वविद्यालय के ज्वाइंट वेंचर की रिर्पोट को प्रकाशित करने तथा पुस्तकालय में ई-पुस्तकें तथा ई-जरनल के उपयोग का रिकार्ड रखने का भी सुझाव दिया। विश्वविद्यालय को समय से छात्रों की समस्याओं का निराकरण समय से करने का उल्लेख रिपोर्ट में अवश्य करे। उन्होंने विशाखा गाइडलाइन के अनुसार महिलाओं के लिए बनाये गये प्रकोष्ठ का उल्लेख भी प्रस्तुतीकरण में करने के निर्देश दिये।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत जिन शिक्षकों आदि ने टीबी के मरीजों को गोद लिया है, उनसे मिलने के फोटोग्राफ्स डाक्यूमेंट्स में अवश्य सम्मिलित करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों को नैक ग्रेडिंग से प्राप्त होने वाले लाभों से अवगत कराकर उनमें इसके प्रति उत्साह और सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करें। उन्होंने संलग्न फोटो और वीडियों में विविधता बढ़ाने के साथ-साथ प्रतिभागियों से युक्त गतिविधि वाले फोटो और वीडियो संलग्न करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण तथा सुविधाओं की उपलब्धता के लिए निरन्तर मॉनेटिरिंग करने आंगनवाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न बनाने, दी गयी सामग्री की समुचित जानकारी रखने, गोद लिए गए गांव मे ंसरकारी योजनओं को जन-जन तक पहुँचाने को कहा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को गोद लिए गए विद्यालय के बच्चों को विविध गतिविधियों से जोड़ंे, जिससे बच्चों में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति मानसिकता विकसित हो।
विश्वविद्यालय की साफ-सफाई पर चर्चा करते हुए कुलाधिपति ने कार्यालयों तथा शौचालयों की साफ-सफाई की व्यवस्था पर कड़ाई से निर्देश दिए, साथ ही समस्त प्रस्तुतिकरण को उत्कृष्ट बनाने पर बल देते हुए कहा कि सशक्त तैयारियों के साथ ए++ ग्रेड प्राप्त करने हेतु सेल्फ स्टडी रिपोर्ट दाखिल करें।
राज्यपाल जी ने प्रस्तुतिकरण में विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित रक्तदान शिविरों, टीबी मरीजों को गोद लेने और उनमें से टीबी मुक्त हुए मरीजों का विवरण, आंगनबाड़ियों को सहयोग, छात्रावासों की आधुनिक सुविधाएं, नैक मंथन, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उच्च स्तर प्राप्त विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन-भ्रमण, जैसे विविध बिन्दुओं को जोड़ने का निर्देश दिया।
बैठक में रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के0पी0 सिंह के नेतृत्व में प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव राज्यपाल, कल्पना अवस्थी, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा पंकज जॉनी तथा विश्वविद्यालय द्वारा नैक तैयारी के लिए गठित टीम के सभी सदस्य तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।



