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शारीरिक हिंसा से तो उबरा जा सकता है पर मानसिक हिंसा से नहीं : डॉ लीना मिश्र
बालिका विद्यालय में रेड ब्रिगेड द्वारा हिंसा मुक्त जीवन का बारह दिवसीय अभियान शुरू

चेरिश टाइम्स न्यूज़
लखनऊ. हिंसा शारीरिक ही नहीं, मानसिक भी होती है। शारीरिक हिंसा से उबरा जा सकता है पर मानसिक हिंसा से नहीं। कमोबेश हर वर्ग और समाज में महिलाएं दोनों तरह की हिंसा का शिकार रोज होती हैं। यह एक दूसरे को समझने, जानने, महत्व और सम्मान देने से कम हो सकता है। पर यह एक लंबी प्रक्रिया है। सम्पूर्ण समाज में इसके प्रति एक माइंड सेट बनने के बाद ही इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। तब तक हम आत्मरक्षा के विभिन्न उपायों, छात्राओं की टोली बनाकर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और अन्य सांस्कृतिक और रचनात्मक विधाओं की ओर व्यक्ति के मन को मोड़ कर हिंसात्मक प्रवृत्ति को कम किया जा सकता है और उसकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है।

बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ में उपरोक्त उपायों में से आत्मरक्षा प्रशिक्षण और व्यावहारिक जीवन में उसके अभ्यास का सुंदर और प्रभावी प्रदर्शन करते हुए आज रेड ब्रिगेड संस्था द्वारा महिलाओं पर होने वाली शारीरिक हिंसा के खिलाफ आवाज को मजबूत करने के क्रम में बारह दिवसीय अभियान जो कि 21 सितंबर (अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस) से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलेगा, का प्रारंभ हुआ।

विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र द्वारा विशिष्ट अतिथि समाज सेविका श्रीमती रेणुका टंडन को विद्यालय की पत्रिका भेंट करके उनका स्वागत किया गया। रेड ब्रिगेड संस्था की प्रमुख उषा विश्वकर्मा, लक्ष्मी विश्वकर्मा और उनकी टीम विद्यालय में उपस्थित थी। उन्होंने बालवृक्ष भेंट करके विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र द्वारा छात्राओं से, घरों से पनपती हिंसात्मक प्रवृत्ति की सामाजिक व्याप्ति के बारे में सोदाहरण चर्चा करते हुए इसके समूल नाश के विभिन्न उपायों की चर्चा की गई। इसी क्रम में रेड ब्रिगेड संस्था के उद्देश्य और उसके सामाजिक और मनोवैज्ञानिक अवदान की चर्चा की गई। साथ ही बारह दिवसीय आयोजित किए जाना वाले अभियान की चर्चा करते हुए हिंसामुक्त जीवन की रूपरेखा बनाई गई।




