उत्तर-प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ
तिरंगे के रचयिता को ही राष्ट्रध्वज नसीब न हुआ !!

के. विक्रम राव
जिन्हें नाज है हिन्द पर वे सभी जान ले। राष्ट्रध्वज के रुपरेखाकार पिंगली वैंकय्या एक तेलुगुभाषी निर्धन स्कूल मास्टर थे। वे कंगाली में जन्में (2 अगस्त 1876 : सागरतटीय महलीपत्तनम, आंध्र) तथा अभाव में पले। इस विप्र के शवदाह में पर्याप्त ईधन नहीं मिला। उनका अधूरा ख्वाब था कि तिरंगे में लपेटकर उनकी लाश ले जायी जाये। आज मीडिया और नरेन्द्र मोदी से लेकर सभी उनकी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। ”घर—घर तिरंगे” के पर्व पर। (4 जुलाई) उनकी 59वीं पुण्यतिथि थी ।




