उत्तर-प्रदेश

सिंचाई विभाग की ज़मीन पर सींचपाल निजी आवास बनवाकर किया अवैध कब्जा

लखनऊ:  सूचना का अधिकार कार्यकर्ता वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव, हरपाल सिंह
ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संज्ञान में लाया है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी, लखनऊ मुख्यालय पर सींचपाल के पद पर तैनात व्यक्ति, अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई निर्माण खण्ड, लखनऊ के कार्यालय में कार्यरत है।मुख्य अभियन्ता, शारदा संगठन सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश, बरेली के अधीन अधिशासी अभियन्ता,लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ के कार्यक्षेत्र के अन्दर बने टीन शेडों में सींचपाल के पद पर तैनात व्यक्ति सिंचाई विभाग कालोनी (दॉयातट) पी.एन. रोड, बालू अड्डा, लखनऊ के साथ-साथ लखनऊ खण्ड-2, शारदा नहर लखनऊ के अनेकों कर्मचारी एवं बाहरी लोग भी परिवार सहित पिछले कई वर्षों से निवास कर रहे है जिनका कोई भी भत्ता अथवा किराया विभाग द्वारा नहीं काटा जाता है।
उक्त कालोनी के अन्दर सींचपाल पद पर तैनात व्यक्ति को अधिशासी अभियन्ता सर्वेक्षण एवं अनुसंधान खण्ड, सिंचाई भवन एनेक्सी, लखनऊ के कार्यालय द्वारा सभी आवंटन नियनों को दर किनार कर टाइप-1 का आवास आवंटित किया गया है जबकि सींचपाल का पद फील्ड स्तर का है उनको कालोनी में आवास आवंटित ही नहीं किया जा सकता है। उक्त शुक्ला, सींचपाल अपनी नौकरी के दौरान भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित हो चुका है जिसकी विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही की जांच चल रही है जो भ्रष्टाचार के चलते अभी तक विलम्बित रखी जा रही है तथा विभागीय अधिकारियों द्वारा निलम्बन भत्ता
देकर शासन को लाखों रूपये की आर्थिक क्षति पहुँचायी जा रही है। उपरोक्त टीन शेडों को खाली कराने अथवा भत्ता काटे जाने हेतु अनेको बार विभागीय मंत्री, प्रमुख सचिव, एवं प्रमुख अभियन्ता तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारियों को लिखित रूप में विभिन्न विभागीय संघो एवं अन्य एन0जी0ओ0 के लोगो द्वारा शिकायत करने के उपरान्त भी कार्यवाही न किया जाने के कारण शासन की छवि धूमिल हो रही है। उक्त सींचपाल, विगत एक माह से भी अधिक टीन शेड के सामने सिंचाई विभाग की खाली
पड़ी भूमि पर लगभग 1500 से 2000 वर्ग फिट मे पक्के आवास का निर्माण कर अवैध कब्जा कर लिया है। दीवार के अन्दर बाहर प्लास्टर एवं फर्स का कार्य पूर्ण हो जाने के उपरान्त अब खिड़की एवं दरवाजो एवं
पुताई का कार्य प्रगति पर है आवास की स्लेप अभी नही डाली गई है। खेद का विषय है कि सहायक
अभियन्ता, अधिशासी अभियन्ता से लेकर सम्बन्धित उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होते उक्त व्यक्ति सींचपाल, के खिलाफ कोई कार्यवाही न किये जाने से सुस्पष्ट है कि विभागीय अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण सिंचाई विभाग की सरकारी जमीन पर निर्माण कर अवैध कब्जा किया गया है। उक्त जमीन को खाली कराकर दोषियों के विरूद्ध विभागीय अनुशानिक कार्यवाही तथा वैधानिक कार्यवाही करने की जिम्मेदारी अब कौन समझेगा।

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