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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया

लखनऊ : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण किया और इस महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनका साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान भारत के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है।

सभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपने राज्य की बागडोर संभाली और सुशासन का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। जब अंग्रेजों ने धोखे से उनके राज्य पर कब्ज़ा करने की कोशिश की, तो उन्होंने उनके सामने झुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने न केवल स्वयं हथियार उठाए, बल्कि पड़ोसी शासकों को भी ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
रक्षा मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 1857 में जब रानी अवंतीबाई लोधी ने शक्तिशाली ब्रिटिश शासन का डटकर सामना किया, तब वह केवल 27 वर्ष की थीं। उन्होंने कहा कि खेरी की लड़ाई के दौरान उनके नेतृत्व ने – जिसमें उन्होंने किसानों और आम लोगों के सहयोग से ब्रिटिश सेना को हराया था – उनकी असाधारण सैन्य नेतृत्व क्षमता और वीरता का परिचय दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि जब वे ब्रिटिश सेना से घिर गई थीं, तब भी रानी अवंतीबाई लोधी ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया और युद्ध के मैदान में शहादत को चुना। उन्होंने कहा कि उनका जीवन हमें सिखाता है कि आत्म-सम्मान से कभी समझौता नहीं करना चाहिए और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। जब मातृभूमि की रक्षा की बात आती है, तो व्यक्ति को सब कुछ बलिदान करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा न केवल रानी अवंतीबाई लोधी की स्मृति को संजोने का एक साधन है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस, आत्म-सम्मान, नेतृत्व और बलिदान से परिचित कराने का माध्यम भी है।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा, “यह प्रतिमा केवल लोहे और पत्थर का ढांचा नहीं है; यह भारत के गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने भारत के राष्ट्रीय नायकों को मान्यता देने, उनके योगदान का सम्मान करने और उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के युवाओं के आदर्श और रोल मॉडल भारत की अपनी समृद्ध सभ्यता और ऐतिहासिक विरासत से होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी से लेकर भारत रत्न डॉ. बी.आर. अंबेडकर तक, भारत में महान हस्तियों की एक समृद्ध विरासत रही है जिन्होंने अपना जीवन देश और समाज के लिए समर्पित कर दिया।  राजनाथ सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, डॉ. बी.आर. अंबेडकर के जीवन से जुड़ी पाँच जगहों को ‘पंच तीर्थ’ के रूप में विकसित किया गया है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी की विरासत को दो अहम वजहों से याद किया जाना चाहिए। पहली, उनके जीवन ने यह दिखाया कि अन्याय और गुलामी के ख़िलाफ़ खड़े होना हर नागरिक का फ़र्ज़ है। दूसरी, रानी अवंतीबाई लोधी ने न सिर्फ़ ब्रिटिश शासन को चुनौती दी, बल्कि उन सामाजिक सोच को भी चुनौती दी जो लंबे समय से महिलाओं की काबिलियत को कम आंकती रही थीं।
रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की महिला योद्धाओं ने युद्ध के मैदान और शासन-प्रशासन, दोनों ही जगहों पर अपनी हिम्मत दिखाई है। आज, सियाचिन की ऊँचाइयों से लेकर समुद्र की गहराइयों तक, महिलाएँ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत की कार्रवाई के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में महिला पायलटों और सैनिकों ने भी अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा, “यह नए भारत की नारी शक्ति है, जो हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और नेतृत्व कर रही है।”
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के बारे में बात करते हुए, श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हालात काफ़ी बदले हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अपराधियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले बेटियों के माता-पिता उनकी सुरक्षा को लेकर परेशान रहते थे, जबकि आज अपराधी और उनके परिवार अपने कामों के नतीजों को लेकर परेशान रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन लोगों के हौसले तोड़ दिए हैं जो महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को ख़तरे में डालने की कोशिश करते हैं। राजनाथ सिंह ने अपनी बात ख़त्म करते हुए कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने अपना पूरा जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया और अब यह मौजूदा पीढ़ी की ज़िम्मेदारी है कि वह उनकी हिम्मत, देशभक्ति और आत्म-सम्मान की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, केंद्रीय राज्यमंत्री, भारत सरकार बी.एल. वर्मा, मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार धर्मपाल सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रदेश महामंत्री, भाजपा उत्तर प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी, महानगर अध्यक्ष, भाजपा लखनऊ आनंद द्विवेदी, महापौर लखनऊ सुषमा खर्कवाल, सदस्य विधान परिषद मुकेश शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा लखनऊ विजय मौर्य, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, अमरेश कुमार, जया देवी, विधायक विपिन कुमार डेविड, जिला लोधी क्षत्रिय राजपूत सभा के संरक्षक राम कुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष संजय कुमार वर्मा, कृष्ण लोधी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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