भाजपा और भर्ती माफिया का साथ , युवाओं के भविष्य पर आघात : आराधना मिश्रा ‘मोना

लखनऊ । उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के नौजवानों का भविष्य बोली लगा-लगाकर बेचा है। उत्तर प्रदेश पर लगाया गया यह बदनुमा दाग भारतीय जनता पार्टी की सरकार की रवानगी के साथ ही जाएगा।
प्रदेश के करोड़ों नौजवान अपने और उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेहनत करके भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारियाँ वर्षों तक करते हैं। मगर उन्हें परीक्षा परिणामों की जगह पेपर लीक, परीक्षा निरस्त होने, भर्ती में वर्षों की देरी और अपने चहेतों को भर्ती कराने के दंश ही मिलते हैं।
आज उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की स्थिति युवाओं की चिंता को और गहरा कर रही है। एक तरफ UP Police SI भर्ती-2025 में नियुक्ति पत्र जारी करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई है, वहीं दूसरी तरफ UPSSSC JE भर्ती के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की तारीख के इंतजार में धरना देने को मजबूर हैं।
एस आई भर्ती: 15.75 लाख आवेदन, नियुक्ति पर हाईकोर्ट की रोक, उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 के लिए 15 लाख 75 हजार 706 आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा में करीब 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के बाद 12,733 अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए सफल घोषित किया गया और 14 जुलाई को अंतिम परिणाम जारी किया गया।
उत्तर बदला—बदल गए परिणाम
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि प्रोविजनल और फाइनल आंसर-की में कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए। प्रत्येक प्रश्न 2.5 अंक का होने के कारण उत्तर बदलने से कई अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हुए। अभ्यर्थियों ने आपत्तियाँ भी दर्ज कराईं, लेकिन उनका उचित निस्तारण नहीं होने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को निर्धारित की।
JE अभ्यर्थी करीब तीन साल से भर्ती प्रक्रिया के इंतजार में
दूसरी ओर, UPSSSC की अवर अभियंता भर्ती के अभ्यर्थी भी आंदोलन कर रहे हैं। विज्ञापन संख्या 08/2024 के तहत 7 मार्च 2024 को भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया लंबी खिंचने के कारण उनका भविष्य अधर में है और वे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) तथा भर्ती के अगले चरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आज अभ्यर्थी पिकप भवन पर धरना देकर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने और संबंधित प्रक्रिया की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
यह सिर्फ दो भर्तियों की कहानी नहीं है उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं से घोटालों का सिलसिला भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही प्रारंभ हो गया था। UP Police Constable भर्ती में 60,244 पदों के लिए करीब 48 लाख से अधिक आवेदन आए थे। फरवरी 2024 की परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद निरस्त करनी पड़ी।
इसी तरह RO/ARO परीक्षा में करीब 10.76 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में पेपर लीक के बाद सरकार ने परीक्षा निरस्त कर दी।
भाजपा सरकार ने करोड़ों सपनों को रौंदा, SI, पुलिस कांस्टेबल, RO/ARO, शिक्षक भर्ती जैसी कई असंख्य भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं को भाजपा सरकार ने घोटाले की भेंट चढ़ा दिया है।
यूपी के युवाओं का आदित्यनाथ सरकार से सवाल सीधा है—
भर्ती कैलेंडर समय पर क्यों नहीं चलता?
पेपर लीक क्यों होते हैं?
परीक्षाएँ बार-बार विवादों में क्यों आती हैं?और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए वर्षों तक इंतजार क्यों करना पड़ता है?
युवा सिर्फ परीक्षा नहीं देते, वे अपने जीवन के कई वर्ष इस उम्मीद में लगाते हैं कि एक दिन उनकी मेहनत का परिणाम मिलेगा। जब परीक्षा प्रणाली ही सवालों के घेरे में आ जाए, तो नुकसान केवल एक अभ्यर्थी का नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और प्रदेश की युवा पीढ़ी का होता है।
भाजपा सरकार और भर्ती माफिया की कथित मिलीभगत ने उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया है। अब प्रदेश का युवा जवाब मांग रहा है।



