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फोरम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में मेडिकल स्टोर खोलने की मांग की 

महीनों में मेडिकल बिल पास होते हैं और यूनिवर्सिटी के बाहर से महंगे दामों पर मिलती है दवाइयाँ

नई दिल्ली : फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ( शिक्षक संगठन ) के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह को पत्र लिखकर दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस स्थित पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, स्वास्थ्य केंद्र के निकट मेडिकल स्टोर खोलने की मांग की है। बता दें कि फिलहाल हैल्थ सेंटर, भीमराव अम्बेडकर कॉलेज (पूर्वी दिल्ली), शिवाजी कॉलेज (पश्चिमी दिल्ली) साउथ कैंपस आदि स्थानों पर चल रहे हैं । डीयू हेल्थ सेंटर के डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयाँ कैंपस के आसपास नहीं मिलती।

कोरोना महामारी के समय यहाँ रहने वाले छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया है कि शिक्षकों व कर्मचारियों के बीमार होने पर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा जो दवाइयाँ लिखी गई थीं वह कैम्पस से बाहर उपलब्ध नहीं थीं, इन दवाइयों को दिल्ली के दूसरे स्थानों से महंगे दामों पर खरीदना पड़ता था। उन्होंने बताया कि दस हजार से अधिक शिक्षकों, कर्मचारियों के अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों के लिए विश्वविद्यालय परिसर में कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। पीजी मेंस हॉस्टल, पीजी वीमेंस हॉस्टल, ग्वायर हॉल, जुबली हॉल, इंटरनेशनल हॉस्टल, कोठारी हॉस्टल, मानसरोवर हॉस्टल के अलावा कॉलेजों में भी हॉस्टल हैं वहाँ रहने वाले छात्रों के लिए भी कोई मेडिकल स्टोर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

फोरम के चेयरमैन प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैम्पस के निकट डूटा ऑफिस के नीचे मेडिकल स्टोर खुला था लेकिन वह पिछले पाँच साल से काम नहीं कर रहा है। मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले कर्मचारी ने बताया है कि उन्हें अभी एक्सटेंशन नहीं दिया गया है जिससे वे अपने मेडिकल स्टोर पर दवाइयाँ नहीं रख सकते, साथ ही उनके बिल लंबे समय से पास नहीं हुए हैं। प्रोफेसर सुमन ने बताया है कि जो शिक्षक व कर्मचारी हेल्थ सेंटर पर दिखाने के लिए जाते हैं उन्हें दवाइयाँ खरीदने के लिए कैंपस से बाहर काफी दूर जाना पड़ता है। वहाँ ये दवाइयाँ महंगे दामों पर मिलती हैं। प्रोफेसर सुमन ने यह भी बताया है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र व छात्राओं को भी कैम्पस के बाहर से ही दवाओं को खरीदना पड़ता है। शोधार्थियों के बीमार होने पर रात्रि के समय उन्हें हॉस्टल से बाहर जाने पर काफी दिक्कत होती है। कैम्पस में कॉलेज, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को तो विशेष परेशानी होती है।

प्रोफेसर सुमन ने बताया है कि नॉर्थ कैंपस में खालसा कॉलेज, मिरांडा हाउस कॉलेज, दौलतराम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, रामजस कॉलेज, किरोड़ीमल कॉलेज, हंसराज कॉलेज, स्टीफेंस कॉलेज, हिंदू कॉलेज, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के अलावा लगभग 87 विभागों में छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों के लिए कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। कॉलेजों के अतिरिक्त इनमें हॉस्टल व पीजी हॉस्टल में पढ़ने वाले छात्रों व शोधार्थियों के लिए भी कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। विश्वविद्यालय के आसपास पीजी में रहने वाले छात्र व रिड्स लाइन में रहने वाले कर्मचारियों की काफी संख्या है। विजय नगर, हडसन लाइन, नेहरू विहार, मुखर्जी नगर, मॉडल टाउन, गुजरांवाला टाउन , किंग्जवे कैम्प, ढका धीरपुर , निरंकारी कॉलोनी, ईश्वर कॉलोनी, गुड़ मंडी, संत नगर, जीटीबी नगर, मलिक पुर, मलका गंज, चंद्रावल , शक्ति नगर, रूप नगर, प्रताप बाग, स्टेट बैंक कॉलोनी, मॉल अपार्टमेंट्स, तिमारपुर, गाँधी विहार, नेहरू विहार, गोपालपुर, वजीराबाद, मजनू का टीला आदि जगहों पर काफी संख्या में शिक्षक, छात्र व कर्मचारी रहते है।

प्रोफेसर सुमन ने यह भी बताया है कि शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा खरीदी गई दवाइयों के बिल कॉलेज महीनों पास नहीं करते, जिन दवाइयों को हेल्थ सेंटर लिखता है वह दवाइयाँ बाजार में आसानी से मिलती नहीं हैं। मेडिकल स्टोर वाले उन दवाइयों की वैकल्पिक दवा देते हैं। मेडिकल बिल में वैकल्पिक दवा मंजूर नहीं की जाती है, जिससे बिल पास होने में दिक्कतें आती है। उनका कहना है कि यदि कैम्पस में मेडिकल स्टोर होगा या स्वास्थ्य केंद्र में दवा उपलब्ध होंगी तो छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को बाहर से दवा नहीं खरीदनी पड़ेगी। उन्होंने बताया है कि जुलाई, अगस्त में मौसम बदलने पर लोग अक्सर बीमार होते हैं, उस समय दवाओं की उपलब्धता भी कम हो जाती है और ये दवाइयाँ बाजार में आसानी से नहीं मिलती हैं। यदि नॉर्थ कैंपस में मेडिकल स्टोर खोल दिया जाए तो दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बहुत राहत मिलेगी। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित मेडिकल स्टोर पुन: को एक्सटेंशन दिए जाने की मांग करते हुए जल्द से जल्द मेडिकल स्टोर खोलने की मांग दोहराई है।

 

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