आलमबाग में कानून को खुली चुनौती देती है एक महिला, और पुलिस बनी मूक दर्शक

लखनऊ। आलमबाग की सड़कों पर इन दिनों एक अजीब ही मंजर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है, वहीं दूसरी तरफ सुधा नाम की एक महिला खुलेआम गांजा बेचकर इस व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है। ऐसा लगता है मानो उसने कानून को अपनी जेब में रख लिया हो और पुलिस को चुनौती देना उसका रोज का काम हो।
ये कोई छोटी-मोटी चोरी या छीना-झपटी का मामला नहीं है। यह खुलेआम, सरेराह चल रहा एक अवैध धंधा है, जिसके बारे में शायद बच्चा-बच्चा जानता है। लेकिन आलमबाग पुलिस, जो अक्सर छोटे-मोटे मामलों में बड़ी मुस्तैदी दिखाती है, इस मामले में न जाने क्यों मौन धारण किए हुए है। क्या पुलिस को यह दिखाई नहीं देता? या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?
सवाल कई हैं और जवाब मिलना बाकी है। जब एक साधारण नागरिक ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो तुरंत चालान कट जाता है। जब कोई छोटी सी गलती करता है, तो पुलिस तुरंत एक्शन लेती है। लेकिन यहां तो एक महिला खुलेआम अवैध धंधा चला रही है और पुलिस सिर्फ तमाशा देख रही है। यह आलमबाग पुलिस की कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
अब देखना यह होगा कि क्या आलमबाग पुलिस अपनी कुंभकर्णी नींद से जागेगी और इस ‘सुधा’ राज को खत्म करेगी, या फिर यह चुनौती यूं ही जारी रहेगी। यह सिर्फ गांजे की बिक्री का मामला नहीं है, बल्कि यह कानून के राज और पुलिस की विश्वसनीयता का भी मामला है। क्या पुलिस अपनी साख बचा पाएगी? वक्त ही बताएगा।



