प्रियंका गांधी ने कहा- नीलांबुर उपचुनाव केरल में बदलाव की दिशा में पहला कदम उठाने का अवसर
पार्टी उम्मीदवार शौकत के लिए नीलांबुर सीट पर किया प्रचार

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज कहा कि नीलांबुर उपचुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केरल में बदलाव की दिशा में पहला कदम उठाने का अवसर है।
पार्टी उम्मीदवार आर्यदान शौकत के समर्थन में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने लोगों से ऐसा प्रतिनिधि चुनने का आग्रह किया जो उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध और समर्पित हो। उन्होंने कहा कि यह केरल में बदलाव लाने का समय है। उन्होंने लोगों से शौकत को चुनने का आग्रह करते हुए कहा कि वे अपने पिता पूर्व विधायक आर्यदान मोहम्मद की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्हीं की तरह समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।
कांग्रेस महासचिव ने उपस्थित लोगों से कहा कि उन्होंने पिछले दस वर्षों में देखा है कि मौजूदा राज्य सरकार ने कैसे काम किया है। उन्होंने कहा कि अब बदलाव लाने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव ऐसी सरकार से आएगा जो लोगों की परवाह करे, उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करे और लोगों के जीवन व उनकी आजीविका का राजनीतिकरण न करे। केरल में पेंशन में देरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए और न ही सरकार की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए। पेंशन लोगों की आजीविका के लिए महत्वपूर्ण है और इसका भुगतान समय पर किया जाना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव ने बहुधार्मिक संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सच्ची धर्मनिरपेक्ष संस्कृति है जो राष्ट्र और संविधान की सभी बातों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि एकता की इस परंपरा को मजबूत करने से ज्यादा महत्वपूर्ण कुछ नहीं है,जिसके साथ हम एकजुट होकर खड़े हो सकें और सभी चीजों का सामना कर सकें। विशेषकर आज जब इतना ग़ुस्सा और विभाजन फैलाया जा रहा है, हमें शांति और विकास के लिए बोलने की जरूरत है।
स्थानीय समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि वे मानव-पशु संघर्ष से वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि वे आज ही एक ऐसे व्यक्ति के परिवार से मिली हैं, जिसे बाघ ने मार डाला था। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में यह सातवीं घटना है। उन्होंने इस समस्या को सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया।
वायनाड सांसद ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की मांग का भी समर्थन किया, साथ ही उन्हें सेवानिवृत्ति के समय पांच लाख रुपये दिए जाने की भी पुरज़ोर मांग की। उन्होंने कहा कि ये उनका अधिकार है और बताया कि उनके काम करने की परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं। वे दिन में 24 घंटे और सप्ताह में सातों दिन काम कर रही हैं।
इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल समेत अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।



