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कर्मचारियों, चालकों और वाहन स्वामियों को आग बुझाने, बचाव का दिया गया प्रशिक्षण

आरटीओ आफिस अयोध्या में हुई फायर ट्रेनिंग वर्कशाप

अयोध्या : ‘गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती है ऐसे में कार्यालय सुरक्षा, सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत वाहनों में आग से बचाव का प्रशिक्षण देने हेतु आरटीओ अयोध्या मण्डल ऋतु सिंह द्वारा अग्निशमन विभाग के सहयोग से कर्मचारियों, वाहन स्वामियों कार्यालय में आयी जनता हेतु एक फायर ट्रेनिंग वर्कशाप आयोजित करायी गयी जिसमें संभागीय निरीक्षक राजीव कुमार, कर्मचारीगण एवं अन्य लोगों ने प्रतिभाग किया।

प्रशिक्षण में फायर स्टेशन आफिसर प्रदीप कुमार पाण्डेय,  आलोक मिश्रा, मो. सलाउद्दीन एवं अन्य ने आग के प्रकार, आग बुझाने के यंत्रों, तरीकों, सावधानियों, क्या करें क्या न करें पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं आग बुझाने का डेमों भी दिया। उन्होंने बताया कि 05 प्रकार की अग्नि होती है यथा ए-लकडी आदि से लगने वाली, बी- पेट्रोल डीजल आदि लिक्विड से लगने वाली, सी घरेलू सिलेण्डर आदि, डी घातु यथा एल्युमिनियम से, ई- बिजली (इलेक्ट्रिक) से जिनको आक्सीजन की सप्लाई काटकर व फायर एक्सटिंग्यूसर से बुझाया जा सकता है। समय रहते एक्शन से आग का प्रभाव कम किया जा सकता है। अपने नजदीकी फायर स्टेशन का नंबर याद रखिए।

आरटीओ  ऋतु सिंह द्वारा उपस्थित सभी को संबोधित करते हुए बताया गया कि सभी वाहनों में विशेषकर कमर्शिएल वाहनों एवं सीएनजी चालित वाहनों में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखना चाहिए एवं उसका सही प्रयोग का तरीका भी जानना चाहिए। वाहनों को नियमित रूप से सर्विस सेण्टर से जाँच करानी चाहिए एवं वायरिंग भी कटी- फटी नहीं होनी चाहिए। सीएनजी, एलपीजी लगे वाहनों का नियमित ससमय लीकेज टेस्ट कराना चाहिए और व्यावसायिक वाहनों, स्कूल वाहनों आदि में इमरजेंसी द्वार की क्रियाशीलता को नियमित रूप से जाँचना चाहिए। वाहन के मूल ढाँचें में किसी भी तरह का परिवर्तन जान लेवा हो सकता है। आग लगने की स्थिति में धैर्य और सावधानी के साथ काबू पाया जा सकता है और जानमाल की क्षति रोकी जा सकती है। इमरजेंसी की स्थिति में फायर टीम के बताये अनुसार 112 या 101 नंबर पर सहायता हेतु काल करें। वाहनों में ज्वलनशील पदार्थ, स्टोव, कुकिंग गैस, अंगीठी इत्यादि लेकर न चलें।
फायर टीम ने बताया कि बिजली की आग लगने पर मेन स्विच आफ कर देना चाहिए एवं बिजली या पानी की आग पर पानी नहीं डालना चाहिए। गैस सिलेण्डर में आग लगने पर गीला कंबल लपेटकर आक्सीजन सप्लाई कट कर देनी चाहिए। अग्निशमन यंत्र पर अंकित रहता है कि किस प्रकार की आग उससे बुझ सकती है। वर्कशाप के अंत में बहुमूल्य जानकारी हेतु आरटीओ ऋतु सिंह एवं आरआई  राजीव ने सभी का धन्यवाद दिया। वर्कशाप में आरटीओ आफिस के कर्मचारियों सहित लगभग 100 लोगों ने प्रतिभाग किया।

 

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