लोक निर्माण विभाग में चालू समस्त कार्याे पर आवंटन न जारी किये जाने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
विभाग के अधिकारी सरकार की नीति के विरूद्ध प्रक्रिया को बना रहे जटिल।

लखनऊ : लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्तमान में चालू कार्यो पर मांग पत्र (बी.एम.-15) का नया प्रोफार्मा निर्गत किया गया है। आश्चर्यजनक रूप से यह प्रोफार्मा अत्यधिक जटिल बना दिया गया है। इस प्रोफार्मा में चार पेज में कुल 45 कालम भरे जाने हैं इसमें थाने का नाम सहित कई अनुपयोगी सूचनायें भी भराई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त विचलन, अतिरिक्त मद तथा बचत की धनराशि जो कार्य पूर्ण होने पर पता चल पाती है, उसे प्रारम्भ में ही मंागा जा रहा है जो की अव्यवहारिक है। वर्तमान सरकार की नीति प्रक्रिया के सरलीकरण की है परन्तु अधिकारीगण मांग पत्र जैसे सामान्य प्रपत्र जो एक पेज में 16 कालम का होता था उसे चार पेज में 45 कालम का कर दिया है। इस तरह से मॉग पत्र को जटिल बनाकर उलझा दिया गया है। विश्वकर्मा पोर्टल पर अधिक लोड के कारण सरवर सही ढ़ंग से न चल पाने के कारण खण्डीय अभियन्ता/कार्मिक देर रात तक इन्तजार कर रहे हैं। इसी बीच कतिपय क्षेत्रीय अभियन्ता कभी ऑफ लाइन, कभी ऑन लाइन मॉग पत्र भरे जाने का निर्देश देकर खण्डीय अभियन्ताओं/कार्मिकों को असमंजस की स्थिति में डाल दे रहे हैं। नये वित्तीय वर्ष प्रारम्भ हुये लगभग डेढ़ माह व्यतीत होने को है, परन्तु मॉग पत्र (बी.एम.-15) की जटिलता के कारण अभी तक समस्त चालू कार्याे पर विभाग द्वारा आवंटन जारी नही किया जा सका है। कार्यो की प्रगति प्रभावित होने की सम्भावना के मद्देनज़र डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने इस सम्बन्ध में प्रदेष के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि माह अप्रैल एवं मई मौसम के दृष्टिकोण से विभागीय निर्माण/मरम्मत कार्याे के सम्पादन के लिए अत्यधिक उपयुक्त समय होता है। इस समय चालू कार्यो के सम्पादन में अच्छी प्रगति लायी जा सकती है। विभाग द्वारा इस समय का सदुपयोग किया जाना चाहिए। क्योकि आगामी वर्षा ऋतु में विटुमिनस कार्य सम्पादित किया जाना सम्भव नही हो पाता तथा कार्य की प्रगति प्रभावित होती है। अतः ऐसे कार्य जो विगत वित्तीय वर्ष में स्वीकृत होकर प्रारम्भ हो चुके थे, परन्तु पूर्ण नही हो सके तथा उन पर आवंटित धनराशि 31 मार्च 2025 तक या तो उपभोग कर ली गयी अथवा वित्तीय वर्ष समाप्ति के कारण समर्पित कर दी गयी, पर तत्काल धनावंटन किये जाने की मॉग की गयी है। संघ के अध्यक्ष इं0 एन0डी0 द्विवेदी ने बताया कि पत्र 29.अप्रैल.2025 के माध्यम से प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष से मुलाकात कर धन आवंटन शीघ्र कराये जाने तथा विभाग द्वारा निर्गत नवीन जटिल मांग पत्र प्रोफार्मा (बी.एम.-15) का सरलीकरण कराये जाने का अनुरोध किया था परन्तु दुर्भाग्यवश अभी तक कोई विशेष सकारात्मक कार्यवाही नही हुई। यद्यपि कि विभागाध्यक्ष द्वारा सरल मापदण्ड अपनाते हुए निवर्तन मद के अन्तर्गत कतिपय धनावंटन अवश्य किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इस प्रकार के समस्त चालू कार्याे पर आवंटन जारी न किये जाने से कार्य की प्रगति प्रभावित होने की प्रबल सम्भावना है। इससे न केवल विभाग की छवि धूमिल होगी अपितु वित्तीय वर्ष के अन्त में धनराशि सर्म्पण किये जाने की भी सम्भावना बनेगी। इं. एन.डी. द्विवेदी ने मॉग पत्र के प्रोफार्मे का सरलीकरण करने तथा समस्त चालू कार्यो पर आवश्यकतानुसार यथाशीघ्र आवंटन निर्गत करने हेतु निर्देशित करने का अनुरेाध मुख्यमंत्री से किया है।



