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ई-गेमिंग फेडरेशन ने एक नए तरह के मंथन सीरीज़ का किया शुभारम्भ 

यह एक ऐसा मंच है जो टेक्नोलॉजी और पॉलिसी के संगम पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रमुख इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स को एकजुट करेगा

नई दिल्ली : ई-गेमिंग फेडरेशन (ईजीएफ), भारत के प्रमुख स्किल-गेमिंग इंडस्ट्री ने ‘मंथन सीरीज’ लॉन्च करने की घोषणा की, जिसका उद्घाटन सत्र ”क्रिएट इन इंडिया: गेम्स एज़ अ सोर्स ऑफ इंडिया सॉफ्ट पावर’ है। यह एक ऐसा मंच है, जो गेमिंग इंडस्ट्री के प्रमुख स्टेकहोल्डर को एक साथ लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी और पॉलिसी के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है। पहले कार्यक्रम में इंडस्ट्री के मशहूर हस्तियों ने भाग लिया और इस विषय पर चर्चा की कि किस तरह भारत में तेजी से बढ़ती हुई गेमिंग इंडस्ट्री, ग्लोबल स्तर पर देश के सांस्कृतिक प्रभाव को मजबूत कर सकता है।

इस इंटरैक्टिव सत्र में प्रमुख लोगों ने भाग लिया, जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग (एमआईबी) के डाइरेक्टर आर्मस्ट्रांग पामे; मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग (एमआईबी), डाइरेक्टर अनुरिमा शर्मा; ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट गौतम चिकर्माने और साइबर लॉं विभाग, मेटी के पूर्व ग्रुप कोओर्डिनेटर और वैज्ञानिक-G राकेश महेश्वरी शामिल थे।.
भारत का ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर तेजी से ग्लोबल पावरहाउस के रूप में उभर रहा है, जिसमें 442 मिलियन गेमर्स हैं और एफ़वाई25 तक इंडस्ट्री के वैल्यूशन का अनुमान INR 231 बिलियन है। तेजी से बढ़ते इस इंडस्ट्री से पता चलता है कि यह क्षेत्र भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक गेमिंग प्रभाव में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखता है। एमआईबी के निदेशक आर्मस्ट्रांग पाम ने कहा कि ईजीएफ मंथन का शुभारंभ एक महत्वपूर्ण माईलस्टोन के साथ हुआ है, क्योंकि उसी दिन केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता (एनसीओई) के लिए नेशनल सेंटर फॉर एक्सिलेंस की स्थापना के लिए कानूनी ढांचे को मंजूरी दी थी। उन्होंने ”क्रिएट इन इंडिया चैलेंज’ के महत्व पर जोर दिया, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित शीर्ष-स्तरीय गेमिंग कंटैंट को बढ़ावा देने के लिए है, और वर्ल्ड ऑडियो-विजुअल और एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) के आने वाले कार्यक्रम का पूर्वावलोकन किया, जिसका उद्देश्य भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सैक्टर को एकजुट करना और इनवेशन को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन सत्र में, ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष, गौतम चिकरमाने ने गेमिंग क्षेत्र में, विशेष रूप से सॉफ्ट पावर के नजरिए के माध्यम से, भारत के महत्वपूर्ण अवसर पर जोर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि ‘एडुगेमिंग’ के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक कथाएँ और कहानी कहने की परंपराएँ ग्लोबल अपील के साथ आकर्षक गेमिंग कंटैंट बनाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। इन अनोखी कथाओं का लाभ उठाकर, भारतीय गेमिंग इनोवेशन को बढ़ावा दे सकती हैं और भारत के सांस्कृतिक प्रभाव को विश्व स्तर पर मजबूत कर सकती हैं, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर एंटरटेनमेंट में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरेगा।

ई-गेमिंग फेडरेशन के सीईओ अनुराग सक्सेना ने लॉन्च के दौरान कहा, “भाषा, संस्कृति और सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता में भारत की समृद्ध विविधता में अपार इनोवेशन की संभावनाएं हैं। ईजीएफ मंथन सीरीज एक ऐसा कदम है जो प्रमुख स्टेकहोल्डर को एकजुट करने की दिशा में है, ताकि गेमिंग की भूमिका को केवल मनोरंजन और रोजगार से आगे बढ़ाया जा सके — यह विकसित भारत के दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से, हमारा उद्देश्य महत्वपूर्ण बातचीत को प्रोत्साहित करना, सहयोग को बढ़ावा देना, और एक ऐसे भविष्य का निर्माण करना है जहां भारत पारंपरिक टेक्निकल ट्रेंड की बजाय गेमिंग टेक्नॉलॉजी में दुनिया का नेतृत्व करेगा, तथा ग्लोबल मंच पर सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभाव डालेगा।”
बातचीत के दौरान अनुराग ने बताया कि भारत सामाजिक-आर्थिक कारणों से अतीत में कई तकनीकी वेब से चूक गया है। उन्होंने कहा कि गेमिंग इंडस्ट्री भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है और यह इंडस्ट्री भारत में विकास करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इस मौके का लाभ उठाकर ग्लोबली गेमिंग इंडस्ट्री में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित होना चाहिए, अपनी कहानी कहने की क्षमताओं और सांस्कृतिक समृद्धि का उपयोग करते हुए, अतीत में खोए गए अवसरों को पार कर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डालना चाहिए।
ईजीएफ मंथन सीरीज का उद्देश्य रणनीतिक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण आधार बनना है, जो विभिन्न स्टेकहोल्डर के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर नवोन्मेषी समाधानों को विकसित करने और क्षेत्र की निरंतर वृद्धि का समर्थन करने में सहायक होगा। आगे देखते हुए, यह श्रृंखला इंडस्ट्री संवाद को आगे बढ़ाने के लिए आने वाले सत्रों के साथ जारी रहेगी, जिससे भारत की ग्लोबली गेमिंग परिदृश्य में स्थिति और मजबूत हो सके।

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