दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने इंजीनियर्स डे के अवसर पर 34 इंजीनियरों को उनके परिश्रम व समर्पण के लिए किया सम्मानित
नई दिल्ली : दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने इंजीनियर्स डे के अवसर पर 34 इंजीनियरों को उनके परिश्रम और समर्पण के लिए सम्मानित किया।
डॉ. सुधांशु मणि को भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत के विकास के नेतृत्व के लिए इंजीनियर ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया।

इंजीनियर्स डे के अवसर पर दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने 34 उत्कृष्ट इंजीनियरों को उनकी विशिष्ट सेवाओं और योगदान के लिए कमानी ऑडिटोरियम, मंडी हाउस, नई दिल्ली में सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हर्ष मल्होत्रा, राज्य मंत्री (सड़क परिवहन एवं कॉर्पोरेट मामलों) ने 34 इंजीनियरों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किए।
इंजीनियर परम यादव, महासचिव, दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन ने कहा, “इस वर्ष का इंजीनियर्स डे विशेष रूप से हमारे देश की महिला इंजीनियरों को समर्पित है, जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके योगदान ने न केवल नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, बल्कि देश की उन्नति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
इंजीनियर यादव ने यह भी सूचित किया कि प्रतिष्ठित इंजीनियर ऑफ द ईयर पुरस्कार डॉ. सुधांशु मणि को प्रदान किया गया, जिन्होंने भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत के निर्माण का नेतृत्व किया। डॉ. मणि ने भारतीय रेलवे में अपने 38 वर्षों की सेवा के दौरान इसे गौरवान्वित किया और सेवानिवृत्ति के बाद भी एक तकनीकी और कॉर्पोरेट सलाहकार के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सतीश उपाध्याय, संरक्षक, दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन और उपाध्यक्ष NDMC ने बताया कि पिछले वर्ष, इसी मंच पर चंद्रयान-3 मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इसरो के वैज्ञानिक श्री श्याम राव और कौशलेंद्र कुमार कौशल को सर्वोच्च इंजीनियर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह आयोजन हमारे देश के इंजीनियरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान और प्रगति को मान्यता देने का प्रतीक है।
उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन पर चर्चा करते हुए यह रेखांकित किया गया कि इंजीनियर देश की प्रगति की नींव हैं। वे न केवल देश के बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं, बल्कि इसके भविष्य को भी आकार दे रहे हैं।
इंजीनियर परम यादव ने आगे बताया कि पिछले वर्ष DDA, जल बोर्ड, MCD, NDMC, PWD और DSIDC जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के 39 इंजीनियरों को सम्मानित किया गया था, जिनके योगदान से G-20 सम्मेलन और भारत मंडपम की सफल मेज़बानी संभव हो सकी। इस वर्ष DDA, MCD, DJB, DESU, MTNL, ESIDC, PWD, NDMC, CPWD, DTC, निजी कंपनियों के 34 इंजीनियरों को सम्मानित किया गया, जिनमें से कुछ प्रमुख नाम हैं: इंजीनियर के.पी. सिंह, मुख्य अभियंता, MCD; इंजीनियर देवेंद्र गिल, पूर्व निदेशक DMRC; इंजीनियर संजय अरोड़ा, मुख्य अभियंता (सिविल और इलेक्ट्रिक), NDMC; इंजीनियर ऋचा सूद, पायलट; और इंजीनियर अंशु गुप्ता, उपमुख्य वास्तुकार आदि।
उपाध्याय ने कहा कि दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भविष्य में इंजीनियरों के अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने का संकल्प लिया है। साथ ही यह सुझाव दिया गया कि इंजीनियरों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।
यादव ने कहा, “यह आयोजन देश के सभी इंजीनियरों के अथक परिश्रम और समर्पण को समर्पित है, जिनके बिना भारत की प्रगति और विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती।”
इस अवसर पर इंजीनियर परम यादव-महासचिव; उपाध्यक्ष; संयुक्त सचिव; संयोजक; कोषाध्यक्ष; कार्यकारी सदस्य और सहकारी सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। साथ ही सिविक बॉडी और अन्य विभागों के इंजीनियर, मीडिया कर्मी और बड़ी संख्या में आम जनता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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