श्री झुन्झुनू वाली दादी डोली उत्सव में उमडा भक्तों का सैलाब
धूमधाम से निकली 251 सौभाग्यवती महिलाओं की भव्य मंगल कलश यात्रा

लखनऊ। श्री झुन्झुनू वाली दादी जी मित्र मण्डल की ओर से तेरवा श्री झुन्झुनू वाली दादी डोली उत्सव की शुरुआत शुक्रवार को भव्य मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा महानगर स्थित श्री हनुमान मन्दिर से 251 सौभाग्यशाली महिलाओ द्वारा हाथों में मेंहदी सजाये, चुनरी की साड़ी में सजी महिलाएं सिर पर दादी नाम का कलश धारण किये जब निकली तो हर कोई देखते ही रह गया।

जिधर कलश यात्रा निकली उधर दादी की जय जयकार हुई। यात्रा के स्वागत में जगह जगह पुष्प वर्षा हुई और साथ ही कलकत्ता से आये संजय शर्मा ने ‘‘दादी का दरबार सुहाना लगता है” “म्हारी मैया झुन्झुनू वाली थारी जग में शान निराली…’’ गाया तथा इसी क्रम में रितेश ने “ओ पालन हारी, ओ मइया प्यारी, तुम्हरे बिन हमरा कोई नही” “तेरे जैसा कोई भी ना दादी, तू दीपक है हम सब है बाती…” भजन जब सुनाया तो भक्त दिनेश मेधदूत अग्रवाल, महेश गर्ग,सतीश अग्रवाल, रूपेश अग्रवाल, राजेन्द्र पांडेय, झूमने लगें। कार्यक्रम में उत्तर विधायक डॉ नीरज बोरा, बिन्दु बोरा, वात्सल्य, शैलेंद्र दर्शन कर में उपस्थित रहे। राजस्थानी लिबास पहने हजारों भक्त झुनझुनवाली दादी की जय के जयकारे लगाते हुये चल रहे थे। यात्रा में सबसे आगे रथ पर सवार भगवान पर शंकरपरिवार,हनुमान तथा श्रीकृष्ण तथा पालकी में राधा रानी चल रहा थी ।

वही अपराह्न एक बजे नारायणी चरित्र मानस पाठ सूरत से आये सुरभि बरूजिका के भावपूर्ण मधुर वाणी में किया गया।
उत्सव में दो असहाय वर वधु का विवाह हुआ
श्री नारायणी चरित्र मानस पाठ सूरत से आयी सुप्रख्यात सुरभि बरूजिका ने भावपूर्ण मधुर वाणी से दो सौ इक्कावन से अधिक परिवारो ने एक साथ मंगल पाठ किया तो पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया इसी बीच श्री नारायणी चरित्र मानस पाठ के अध्याय चतुर्थ में दादी का विवाह का वर्णन के समय कमेटी ने दो असहाय वर वधु को पवित्र परिणय सूत्र में पिरोया।

251सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा मंगल कलश यात्रा
सोलह श्रृंगार किये लाल चुनड़ी धारण किए हाथो में कलश और श्री दादी के भजनों का गुणगान करते हुए 251 सौभाग्यवती महिलाए कलश यात्रा में सम्मिलित होकर सुबह ग्यारह बजे गाजे बाजे साथ पाँच रथ पर सवार बाल रुपी झांकी देखते ही बन रहा था।




