होली “तरंग ” में झूमा लखनऊ

लखनऊ । लखनऊ कनेक्शन वर्ल्डवाइड फेसबुक पेज जिसके सदस्यों की संख्या छियालिस हजार से भी अधिक है द्वारा उर्दू अकादमी गोमती नगर में ‘तरंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया। होली मिलन के अवसर पर आयोजित तरंग में लखनऊ के आखिरी नवाब जाने आलम वाजिद अली शाह और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बेगम हज़रत महल की ग्रेट ग्रेट ग्रैन्डडाॅटर मोहतरमा मन्जिलात फातिमा जी ने मेहमान-ए-ख़ुसूसी के रूप में शिरकत की उनके साथ कोलकाता से उनके छोटे भाई जनाब कामरान मिर्ज़ा भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।

समूह के मुख्य एडमिन सुनील मिश्र , अनिल शुक्ला , संग राजीव सक्सेना, धुरुव खरे , प्रदीप , ने इस अवसर पर “मेरे पहले प्यार की खुशबू” पुस्तक का लोकार्पण दूरदर्शन की कार्यक्रम अधिकारी रमा अरूण त्रिवेदी, आकाशवाणी से मीनू खरे सुमोना पाण्डे , संजय पांडे की उपस्थित मे सम्पन्न कराया। संजय पांडे और युविका बनर्जी के संयुक्त संचालन में सांस्कृतिक श्रृंखला में फूलों की होली और फगुआ तरंग का प्रारंभ इन्दु सारस्वत के गायन से हुआ जिसमें साथ दिया सुषमा प्रकाश कविता सिंह,सविता चौधरी ,अपर्णा सिंह , निवेदिता श्रीवास्तव, रश्मि मिश्रा जी,अरविंद मिश्रा, नूतन वशिष्ठ ,नीरजा शुक्ला , अर्चना त्रिपाठी, ज्योति किरन रतन, सुमोना,अनीता श्रीवास्तव,शशि खरे, नवीत जफा ने सभी को होली में झुमाया।
मधु श्रीवास्तव और अनुपमा श्रीवास्तव के संयोजन में भावनी श्रीवास्तव की गणेश वंदना के पश्चात् सान्वी,अवनी भाटिया,संचिता बेरा,मीमांसा कृष्ण,आध्या चंद्रा,चारवी,काव्या शर्मा,प्राची,तेजस्वनी,अन्विका,अनीशा जैन,जिनिशा जैन,सुमन वर्मा,दिमाइरा समूह नृत्य प्रस्तुत किया। , लोक गीतो की छटा बिखेरी देवी गीत… फूलन तेरो सिंगार,सोहर… अदरक के लड्डू चरपरे रे, मेला गीत… मन मेरा बैलगाड़ी में उजाला है, होली गीत… मत मारो ड्रेगन की चोट, रसिया होली में मोहे लग जाएगी फिल्मी
मिश्रित गीतो को गाया रश्मि मिश्रा,अरविंद मिश्रा,सुमन पाण्डेय,संजय पांडेय,नीरजा शुक्ला,अनीता श्रीवास्त,वर्षा वर्मा,राकेश वर्मा,अर्चना शुक्ला,नूतन वशिष्ठ,जयेश कैरल डॉ प्रभा ने झुकी झुकी सी नज़र, तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो, फिर झिड़ी रात बात फूलो की प्रदीप अली सिंगर- ने दमदम मस्त कलंदर, चाप तिलक मिक्स-, निधि सिंह- ने
झूम झूम बाबा,
रश्मि और अरविंद नेयुगल गीत गाया
अश्विनी कुमार ने कभी कभी मेरे दिल में, आने वाला पल, छूर मेरे मन को किया, कहीं दूर जब ढल जाए कजरा मुहब्बत वाल – रश्मि त्रिपाठी –
सैंया झूठो का बड़ा सरताज निकला
डॉ आलोक दीक्षित / अर्चना जी युगल गीत प्रस्तुत किये।।



