लखनऊ। नवगठित अधिकार सेना जहां एक ओर आम लोगों की समस्याओं को जानने के लिए उनके बीच जाकर हस्ताक्षर अभियान चला रही है, वहीं शासन-प्रशासन द्वारा नागरिकों के प्रति किए गए लापरवाही व लचर रवैया पर अपने विशेषज्ञों की टीम के द्वारा नजर रखने का काम कर रही है।
इस क्रम में अधिकार सेना की लखनऊ यूनिट द्वारा लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में नागरिकों की समस्याओं को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसका विस्तार पूरे प्रदेश किया जाएगा। दूसरी ओर अधिकार सेना की लीगल यूनिट द्वारा शोध परक व वैज्ञानिक ढंग से कार्य करते हुए नागरिकों के खिलाफ अन्याय, अत्याचार व पर प्रशासनिक लापरवाही के मामलों का अध्ययन किया जा रहा है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासनिक लापरवाही के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा शासन प्रशासन को बार-बार आइना दिखाना पड़ता है।
उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा एक मामले में यह कहा जाना कि आज हम आजादी का अमृत महोत्सव तो मना रहे हैं लेकिन हमें यह कहने में पीड़ा हो रही है कि वर्तमान में प्रशासन द्वारा केस दर्ज न करना एक ऐसा मामला है जिसमें याचियों को न्याय तक पहुंच के लिए मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। इस बात को इंगित करता है की शासन-प्रशासन नागरिकों के प्रति कितना संवेदनहीन व लापरवाह हो गया है।
अधिकार सेना ऐसे मामलों का अध्ययन कर उनको यथोचित पटल पर पहुंचाने के लिए लगातार संघर्षरत रहेगी।