उत्तर-प्रदेशबड़ी खबरलखनऊ

ऋषि साहित्य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है: उमानंद शर्मा

372वाँ युगऋषि ऋषि वाङ्मय की स्थापना

लखनऊ. गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत ‘‘एम.जी. कॉलेज ऑफ साइंस, आर्ट एण्ड कल्चर, छांछीराईखेड़ा, सुमेरपुर-उन्नाव‘‘ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 372वाँ ऋषि वांड़मय की स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार रचनात्मक ट्रस्ट गायत्री मंदिर इन्दिरा नगर लखनऊ के ट्रस्टी डॉ. नरेन्द्र देव एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सरोज देव ने ऋषि का सद्ज्ञान समाज में पहुँचे इसी उद्देश से भंेट किया। इस अवसर पर डॉ. नरेन्द्र देव ने अपनी स्वरचित पुस्तक ‘‘.आहार-विहार के प्रभावी सूत्र.’’ नामक पाकेट बुक भेंट तथा उमानंद शर्मा ने सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं को अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की।

इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ‘‘ऋषि साहित्य नैतिक शिक्षा प्रदान करता है।‘‘ इस अवसर पर पी.डब्लू.डी. के पूर्व ई.एन.सी.  वी.के. श्रीवास्तव, डॉ. नरेन्द्र देव, संस्थान के प्रबन्धक  अशोक पाण्डेय  ने अपने विचार रखे कार्यक्रम की अध्यक्षता वी .के. श्रीवास्तव ने की।

इस अवसर पर उमानंद शर्मा, डॉ. नरेन्द्र देव, वी.के. श्रीवास्तव सहित के.एम.जी. कालेज के प्रबन्धक अशोक पाण्डेय, प्राध्यापक प्रमोद नारायण द्विवेदी, वरिष्ठ शिक्षक जागेश्वर अवस्थी, कमला कान्त बाजपेई, ब्लाक प्रमुख योगेश बाजपेई, राजेश तिवारी, अश्विनी बाजपेई, स्वामी शुक्ल , प्रमोद पाण्डेय,  अध्यक्षता लक्ष्मी चंद पाण्डेय सहित छात्र-छात्रायें, शिक्षक-शिक्षिकायें एवं कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद थे।

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