उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षित, स्ववित्तपोषित शिक्षकों व शिक्षित बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा के संबंध में चेतावनी सह मांग पत्र

लखनऊ : शिक्षक नेता डॉ महेन्द्र नाथ राय ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षित, स्ववित्तपोषित शिक्षकों व शिक्षित बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा के संबंध में चेतावनी सह मांग पत्र जारी किया है.
डॉ. महेन्द्र नाथ राय ने पत्र में कहा है कि हाल ही में संपन्न हुए MLC चुनावों के जनादेश ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश का शिक्षक और स्नातक मतदाता अपनी उपेक्षा से बेहद आहत है। लाखों पढ़े-लिखे युवा, NET/Ph.D. धारक, B.Ed./TET/Super TET पास अभ्यर्थी और तकनीकी स्नातक जो प्रदेश के विकास का आधार हैं, आज अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं।
यदि प्रदेश की सरकार और मुख्य विपक्षी दल युवाओं के इन ठोस मुद्दों को अपने केंद्र में नहीं रखते हैं, तो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस पढ़े-लिखे वर्ग का विरोध निर्णायक सिद्ध होगा।
अतः सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रमुख मांगें सार्वजनिक रूप से पटल पर रखी जा रही हैं:
1. स्ववित्तपोषित (Self-Financed) महाविद्यालयों के शिक्षकों के लिए नीति
सेंट्रलाइज्ड पोर्टल और डेटाबेस: प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध स्ववित्तपोषित डिग्री/पीजी कॉलेजों में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों का एक पारदर्शी केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस (Centralized Portal) तत्काल प्रभाव से तैयार कराया जाए।
सेवा नियमावली और न्यूनतम वेतन सुरक्षा: निजी प्रबंध तंत्र के शोषण को रोकने के लिए स्ववित्तपोषित शिक्षकों की स्पष्ट सेवा नियमावली (Service Rules) लागू की जाए। यूजीसी (UGC) के मानकों के अनुरूप सम्मानजनक न्यूनतम मानदेय और जॉब सिक्योरिटी की सरकारी गारंटी तय की जाए।
2. उच्च शिक्षा (NET / Ph.D. धारक) के लिए अवसर
उच्च शिक्षा विभाग एवं प्रदेश के विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में रिक्त पड़े हज़ारों असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर पारदर्शी एवं समयबद्ध विज्ञापन जारी कर स्थायी भर्तियां की जाएं।
3. प्राथमिक, माध्यमिक एवं तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में रोज़गार
B.Ed. / TET / Super TET अभ्यर्थी: बेसिक शिक्षा में वर्षो से अटकी शिक्षक भर्ती (Super TET) की प्रक्रिया को पारदर्शी विज्ञापन के साथ तत्काल शुरू किया जाए।
B.Tech / M.Tech व तकनीकी युवा: प्रदेश में पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेजों और आईटी सेक्टर में तकनीकी भर्तियों का नियमित कैलेंडर जारी किया जाए ताकि प्रतिभावान युवा पलायन करने को मजबूर न हों।
4. भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता एवं समयबद्धता
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और अन्य राज्य भर्ती आयोगों द्वारा समयबद्ध परीक्षा, निष्पक्ष मूल्यांकन और जॉइनिंग का ‘कैलेंडर’ जारी हो। पेपर लीक और न्यायालय में भर्तियों के अटकने जैसी कार्यशैली पर पूर्ण विराम लगे।
2027 का राजनीतिक संदेश:
उत्तर प्रदेश का शिक्षित युवा और शिक्षक समाज अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस नीति (Policy) और क्रियान्वयन (Action) चाहता है।
सत्ताधारी दल के लिए चेतावनी: पढ़े-लिखे वर्ग की उपेक्षा चुनाव दर चुनाव वोटों के नुकसान का कारण बनेगी। MLC चुनावों का परिणाम एक पूर्वाभ्यास (Rehearsal) था, यदि 2027 से पूर्व इन युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर सुरक्षा व रोजगार नीतियां नहीं बनाई गईं, तो इसका सीधा असर विधानसभा सीटों पर दिखेगा।
विपक्ष के लिए चुनौती: विपक्ष केवल विरोध तक सीमित न रहे; स्ववित्तपोषित शिक्षकों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों के लिए एक स्पष्ट और ठोस “ब्लूप्रिंट” जनता के सामने रखे।j
डॉ महेन्द्र नाथ राय शिक्षक नेता लखनऊ


