डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने निफ्टेम के नए बैच के छात्रों से किया संवाद

कुंडली : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (निफ्टेम), कुंडली में बी.टेक (एफटीएम), बी.टेक (एफटीएंडएमबीए) और बीबीए (ऑनर्स) के नव प्रवेशित छात्रों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम के तहत “एसेंशियल्स ऑफ कम्युनिकेशन” विषय पर एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इसका संचालन डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने किया।
सत्र के दौरान डॉ. शर्मा ने व्यावहारिक उदाहरणों, इंटरैक्टिव गतिविधियों और वास्तविक जीवन की संचार स्थितियों के जरिए छात्रों को प्रभावी संवाद के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि अकादमिक, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में प्रभावी संचार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सत्र में स्पष्टता, आत्मविश्वास, सक्रिय रूप से सुनना, बॉडी लैंग्वेज और प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे प्रमुख पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
इंटरैक्टिव तरीके से आयोजित इस सत्र में छात्रों ने चर्चाओं और विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इससे सीखने का अनुभव अधिक व्यावहारिक और रोचक रहा।
निफ्टेम-कुंडली के प्रोफेसर और डीन (एकेडमिक्स) डॉ. नीरज ने कहा, “प्रभावी संचार छात्रों के लिए एक आवश्यक कौशल है, खासकर जब वे अपनी अकादमिक यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। इस तरह के सत्र उन्हें आत्मविश्वास विकसित करने और भविष्य की पेशेवर जिम्मेदारियों के लिए तैयार होने में मदद करते हैं।”
निफ्टेम-कुंडली के प्रोफेसर और एसोसिएट डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. विजय कुमार गहलावत ने कहा, “इंटरैक्टिव तरीके ने छात्रों को सक्रिय रूप से भाग लेने, खुले तौर पर संवाद करने और पारंपरिक कक्षा के माहौल से आगे सीखने के लिए प्रोत्साहित किया।”
निफ्टेम-कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने कहा, “आत्मविश्वासी और सक्षम पेशेवर तैयार करने में संचार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस तरह के सत्र छात्रों को ऐसे व्यावहारिक कौशल प्रदान करते हैं, जो उनकी अकादमिक और पेशेवर यात्रा के दौरान उनके काम आएंगे।”
सत्र में शामिल छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। बिहार की छात्रा वैष्णवी ने कहा, “यह सत्र काफी रोचक था और सामान्य लेक्चर से अलग था। गतिविधियों ने हमें व्यावहारिक तरीके से संचार को समझने में मदद की।”
तमिलनाडु के छात्र विजय ने कहा, “यह एक समृद्ध अनुभव रहा। इंटरैक्टिव गतिविधियों ने भागीदारी के लिए सहज माहौल बनाया और हमें ऐसे कौशल सीखने में मदद की, जो कॉलेज और हमारे भविष्य के करियर में उपयोगी होंगे।”
सत्र का समापन छात्रों को प्रभावी संचार के व्यावहारिक पहलुओं और उनके समग्र विकास में इसकी प्रासंगिकता की समझ के साथ हुआ। इंडक्शन प्रोग्राम के तहत नव प्रवेशित छात्रों को अकादमिक, पेशेवर और व्यक्तिगत स्तर पर जरूरी कौशल विकसित करने के लिए लगातार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।



