किसान-मजदूर आंदोलन पर पुलिस दमन की *सी.पी.आई.(एम.) दिल्ली राज्य कमेटी ने की निंदा

नई दिल्ली : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), दिल्ली राज्य कमेटी ने गौतम बुद्ध नगर में किसानों के “ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण चलो” आंदोलन को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है।
सी.पी.आई.(एम.) दिल्ली राज्य कमेटी के सचिव अनुराग सक्सेना ने कहा कि गांव-गांव पुलिस तैनात करना, सीटू के जिला महासचिव रामस्वारथ और सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा को हाउस अरेस्ट करना, किसान-मजदूर नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नजरबंद करना तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। सीटू जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव और उपाध्यक्ष राम सागर के नेतृत्व में प्रदर्शन करने पहुंचे मजदूरों को पुलिस द्वारा जबरन खदेड़ना भी अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा सहित 150 से अधिक किसानों को जेल भेजे जाने और 500 से अधिक लोगों को अलग-अलग थानों में हिरासत में रखे जाने की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं। सी.पी.आई.(एम.) दिल्ली राज्य कमेटी सभी गिरफ्तार किसानों, मजदूरों और महिलाओं की तत्काल रिहाई तथा हाउस अरेस्ट किए गए मजदूर नेताओं को तत्काल मुक्त करने की मांग करती है।
उन्होंने कहा कि • 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट, •• नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने, ••• आबादियों का निस्तारण और किसानों से किए गए वादों को पूरा करने की मांगें पूरी तरह जायज हैं। सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर किसानों और मजदूरों से बातचीत के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
“दमनात्मक कार्रवाई से किसान-मजदूरों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सी.पी.आई.(एम.) किसानों और मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।”



