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सांस्कृतिक महोत्सव महक -2026 ने तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मचाई धूम 

महक की खुशबू छोड़ गई बहुत सी यादें --प्रो.सुमन

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध अरबिंदो कॉलेज द्वारा आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव महक –2026 अपने पीछे बहुत सी यादें छोड़ गया । तीन दिनों तक चले इस शानदार कार्यक्रम का आज समापन हुआ । इस बार के महक — 26 ने अपनी खुशबू से पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए , इसका मुख्य कारण कॉलेज की कल्चरल सोसायटी द्वारा इस महोत्सव की जो थीम दी गई थीं उसके माध्यम से युवा पीढ़ी को संदेश दिया गया कि शांति , प्रेम और सद्भावना से ही देश में विकास संभव है । विकसित भारत की कल्पना बिना युवाओं के नहीं है । मोक्ष सोसायटी के संयोजक प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया कि पहले दिन नुक्कड़ नाटकों की धूम और उसके बाद भारतीय व विदेशी गीत ,संगीत की धुनों पर विभिन्न कॉलेजों के छात्रों ने उमंग और उल्लास के साथ झूम-झूम कर नाचे । कॉलेज में यह पहला अवसर था जब छात्र , शिक्षक व कर्मचारी एक साथ घण्टों पांडाल में थिरकते रहे और यही कहते रहे महक ने अपनी खुशबू से पूरे दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के दिलों में अपनी जगह बना ली । हर युवा यही कह रहा था — ” महक की खुशबू से महका दो फिर एक बार चमन सारा , ये दिन फिर आएगा ना दोबारा । ” अरबिंदो कॉलेज ने यह ठाना है , युवाओं में शांति , प्रेम व सद्भावना का भाव फैलाना है ।

कॉलेज प्रबंध समिति की चेयरपर्सन मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर अनन्या घोष ने अपने संबोधन में कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्रों में छुपी प्रतिभाओं को निखारते हैं, इस तरह के कार्यक्रमों से हमारी लोक संस्कृति मजबूत होती है और
विद्यार्थियों में आत्मविश्वास , नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ – साथ उनकी रुचि के अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि उनकी दबी प्रतिभा सामने आ सके । उन्होंने जीवन में अनुशासन , परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व को भी रेखांकित किया । उनका यह भी कहना था कि सांस्कृतिक गतिविधियां छात्र जीवन को सम्पूर्ण बनाती है । उनका यह भी कहना था कि चार वर्षीय पाठ्यक्रम में दाखिला लिए विद्यार्थियों को शोध कार्य व उससे संबंधित सुविधाओं में कमी नहीं आने दी जायेगी ।

जमकर नाचे छात्र- छात्राएं — महक सांस्कृतिक महोत्सव के अंतिम दिन मशहूर पंजाबी और बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर अखिल ने अपनी लाइव परफॉर्मेंस से पांडाल में बैठे छात्रों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्लेबैक सिंगर अखिल की प्रस्तुति एक घन्टे तक चली और छात्रों-दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मंच पर पहुंचते ही अखिल का जोरदार स्वागत तालियों और नारों की गूंज से हुआ। उन्होंने अपने सुपरहिट गानों की श्रृंखला से शुरुआत की, जिसमें ‘ख्वाब’, ‘सोच’ और ‘ज़िंदगी’ जैसे पसंदीदा नंबर शामिल थे। छात्र इन गानों पर जमकर झूमे, साथ गाए और मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट्स से पूरा मैदान रोशनी से जगमगा उठा, जिसने कॉन्सर्ट जैसा भव्य माहौल बना दिया।

प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया कि अखिल ने परफॉर्मेंस के दौरान दर्शकों से खुलकर बातचीत की। उन्होंने अपना आभार जताया, कुछ मजेदार किस्से सुनाए और छात्रों के साथ आत्मीय जुड़ाव बनाया, जिसने इस शाम को और भी यादगार बना दिया। रोमांटिक धुनों के साथ-साथ जोशीले गानों ने भी माहौल में नई ऊर्जा भरी, जिससे छात्रों में उत्साह कभी कम नहीं हुआ। छात्र नाचते-गाते और जोर-शोर से नारे लगाते नजर आए। बता दें कि तकनीकी रूप से भी व्यवस्था शानदार रही। उत्कृष्ट साउंड क्वालिटी और लाइटिंग का सटीक तालमेल गानों के साथ हुआ, जिसने दृश्य-आकर्षण को कई गुना बढ़ा दिया। परफॉर्मेंस के अंत में अखिल ने भावुक अंदाज में शो समाप्त किया, जिसके बाद तालियों और खुशी की लहर से पूरा मैदान गूंज उठा। महक फेस्ट के आयोजकों ने इस सफल आयोजन पर संतुष्टि जताई। अखिल की प्रस्तुति ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि संगीत की उस ताकत को रेखांकित किया जो युवाओं को एकजुट करती है और उत्सव का जश्न मनाती है। यह शाम फेस्ट के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई।

कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण चौधरी ने प्लेबैक सिंगर अखिल का अरबिंदो कॉलेज में पधारने पर पुष्प गुच्छ , स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र देकर स्वागत किया । उन्होंने कहा कि आपने हमारे छात्र छात्राओं का गीत संगीत के माध्यम से उत्साहवर्धन कर उनमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया है जो भविष्य में इनके काम आएंगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम हमें अपने अपने युवा होने व कॉलेज के दिनों की याद दिलाते है । उन्होंने कहा कि मैं अपने कॉलेज के दिनों को कभी नहीं भुला , कॉलेज के दिनों की यादों को संजोकर रखा चाहिए । वे हमारी स्मृति में सदैव रहते हैं । उनका कहना था कि हमारे समय हिंदी फिल्मों के पुराने गानों , लोकगीतों पर छात्र थिरकते थे और घंटों गीत-संगीत का आनंद लेते थे लेकिन जब से सोशल मीडिया व संचार के दूसरे साधन आएं हैं हमारी मौलिक भावनाओं को पूरी तरह से मार दिया है , हमें अपनी पुरातन संस्कृति से सीखकर वर्तमान में लौटे तभी हम बेहतर समाज बना सकते हैं । बता दें कि तीन दिन तक चले इस सांस्कृतिक जलसे में देश भर की 60 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं से आए छात्र छात्राओं ने अनेक रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियाँ दीं एवं आयोजित सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विजेता रहे । प्रोफेसर चौधरी ने विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विजेता छात्रों को पुरुस्कार वितरित भी किए । उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा को उजागर कर रहे है । उन्होंने कहा कि इस वर्ष कॉलेज ने 40 से अधिक कार्यक्रम करके यह दिखा दिया कि उनमें प्रतिभा की कमी नहीं है उन्हें अवसर मिले तो वे बेहतर प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह सकते है । उन्होंने कहा कि हमारे देश में अनेक संस्कृति है जहाँ हर प्रदेश के छात्र अपने राज्य में होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा को सबके सामने दिखाना चाहता है । ऐसे अवसरों पर हम कार्यक्रमों के द्वारा वहाँ की सम्पूर्ण छटा को एक साथ देख सकते हैं। इसलिए देश की वास्तविक छवि को समग्र रूप में एक स्थान पर प्रस्तुत करने के लिए ऐसे कार्यक्रम हमारे भीतर विशालता और देश की एकात्मकता का भाव जगाते हैं।

मोक्ष संस्था के संयोजक प्रोफेसर हंसराज सुमन ने बताया कि इस सांस्कृतिक महोत्सव में छात्रों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया। डांसिंग , सिंगिंग, ड्रामा और पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताओं में छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया । नृत्य प्रतियोगिता में शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं गायन प्रतियोगिता में सुरों की गूंज ने माहौल को सुरमयी बना दिया। तीन दिनों तक चले इस रंगारंग महोत्सव का समापन समारोह भव्य रहा। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण केंद्र सूफ़ीनामा बैंड , हरियाणवी लोकनृत्य , नार्थ ईस्ट रहा। महक –2026 ने अपने नाम की तरह पूरे कॉलेज में खुशबू बिखेरते हुए यादगार बना दिया । छात्रों की ऊर्जा, शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रबंधन की कुशलता ने इसे एक सफल पर्व की तरह बनाया । ऐसा लगता है अगले वर्ष इस महक को और भी सुंदर बनाने की उम्मीद के साथ, यह उत्सव स्मृतियों में अमिट छाप छोड़ गया।

सांस्कृतिक महोत्सव महक की संयोजिका प्रोफेसर हेमा नागपाल , स्टूडेंट्स एडवाइजर प्रो.विकास यादव , स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो.विनय सिंह , डॉ.विनय भारद्वाज , डॉ.शिव मंगल कुमार , डॉ.प्रशांत बर्थवाल , डॉ.अभिनव प्रकाश , प्रो.रश्मि माथुर , प्रो.मीता माथुर , प्रो. संगीता कौल , डॉ.नरपत राज नेनीवाल , डॉ.सौरभ कुमार , डॉ.मीनाक्षी चौधरी , प्रो.अंजली भटनागर , डॉ.पूनम जैन , डॉ. नीतू दूबे , डॉ.कल्पिता सोनेवाल , प्रो.परविता , डॉ. पीपी सिंह , प्रोफेसर प्रमोद कुमार व प्रोफेसर राजीव अग्रवाल आदि भी उपस्थित थे । आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद प्रोफ़ेसर हेमा नागपाल ने किया ।

 

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