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मध्य कमान में रणनीतिक संचार सम्मेलन

लखनऊ : मध्य कमान, भारतीय सेना ने 7 मार्च, 2026 को लखनऊ में अपना पहला स्ट्रेटिजिक कम्युनिकेशन कॉनक्लेव आयोजित किया, जिसमें लगभग 500 लोग शामिल हुए। लखनऊ कैंटोनमेंट के सूर्य ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में रणनीतिक संचार पर विचार-विमर्श और पैनल चर्चाएँ हुईं। पैनलिस्टों और वक्ताओं में वरिष्ठ राजनयिक, सरकारी संचार विशेषज्ञ और मीडिया जगत से रक्षा और विदेश नीति के विशेषज्ञ शामिल थे।

उपस्थित लोगों में मध्य कमान, भारतीय सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, और सरकारी तथा निजी क्षेत्रों के संचार पेशेवर शामिल थे। सम्मेलन में संस्थागत और राष्ट्रीय सुरक्षा आयामों पर एक विशेषज्ञ नीति-स्तरीय सत्र शामिल था। दो विषयगत मीडिया पैनल चर्चाओं में धारणा प्रबंधन और सूचना शक्ति पर बात की गई, जिसके बाद मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस पर एक विशेष संवाद सत्र हुआ, जिसमें नीति और परिचालन दृष्टिकोणों को एकीकृत किया गया।

अपने उद्घाटन भाषण में, मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग- इन – चीफ (GOC-in-C), लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने कहा कि संघर्षों की प्रकृति में एक मौलिक बदलाव आया है, क्योंकि अब युद्ध क्षेत्र में सूचना और संज्ञानात्मक (cognitive) क्षेत्र भी शामिल हैं। धारणा प्रबंधन की भूमिका के महत्वपूर्ण होने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि धारणा ही वैधता को आकार देती है, वैधता प्रभाव को आकार देती है, और प्रभाव ही परिणामों को आकार देता है। सेना कमांडर ने आख्यानों (narratives) के हथियार के रूप में इस्तेमाल और युद्ध की सीमा से नीचे के संघर्षों से उत्पन्न खतरे के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि रणनीतिक संचार केवल प्रतिक्रियात्मक, प्रासंगिक या किसी व्यक्ति विशेष पर आधारित नहीं हो सकता, बल्कि इसे संस्थागत बनाया जाना चाहिए, यह सिद्धांत-समर्थित और क्षमता-संचालित होना चाहिए।

प्रसिद्ध रक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ, श्री नितिन गोखले ने मुख्य भाषण दिया, जिसने सम्मेलन के मुख्य विषय – “उभरते सूचना क्षेत्र में रणनीतिक संचार” – पर आगे के विचार-विमर्श के लिए मंच तैयार किया।

विशेषज्ञ सत्र

पहले सत्र का विषय था – “उभरते सूचना क्षेत्र में भविष्य की तैयारी के लिए एक क्षमता के रूप में रणनीतिक संचार का संस्थागतकरण”। इस सत्र का संचालन श्री नितिन गोखले ने किया। राजदूत रुचिरा कंबोज (सेवानिवृत्त IFS – संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि), राजदूत यशवर्धन सिन्हा (सेवानिवृत्त IFS) और लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला ने इस सत्र को संबोधित किया।

विशेष संवाद सत्र

एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “उभरते बहु-क्षेत्रीय अभियानों में रणनीतिक संचार: रणनीतियाँ, संरचनाएँ, प्रक्रियाएँ और तत्परता”। इस सत्र का संचालन लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला (सेवानिवृत्त) ने किया। सत्र को राजदूत दिलीप सिन्हा (सेवानिवृत्त IFS), डॉ. शांतनु मुखर्जी (सेवानिवृत्त IPS), श्रीमती वीणा जैन (सेवानिवृत्त IIS), श्री शरत चंदर (सेवानिवृत्त IIS) और लेफ्टिनेंट जनरल डी.पी. पांडे (सेवानिवृत्त) ने संबोधित किया।
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पैनल चर्चा 1 – शेपिंग द माइंड space

मीडिया के साथ पहली पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “शेपिंग द माइंड स्पेस”। इस सत्र को श्री संदीप उन्नीथन, श्रीमती शिवानी शर्मा और श्री स्नेहेष फिलिप ने संबोधित किया।

पैनल चर्चा 2 – सूचना शक्ति और रणनीतिक संचार

दूसरी पैनल चर्चा का संचालन हिंदुस्तान टाइम्स के ब्यूरो प्रमुख श्री पंकज जायसवाल ने किया। इस चर्चा का मुख्य विषय था “सूचना शक्ति और रणनीतिक संचार”। सत्र को श्री मनीष प्रसाद और श्री अशोक श्रीवास्तव ने संबोधित किया।

लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा, चीफ ऑफ स्टाफ, HQCC ने विभिन्न सत्रों में हुई चर्चाओं का सारांश प्रस्तुत किया और दिन भर की कार्यवाही के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन दिया।

इस सम्मेलन (Conclave) का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के भीतर एक संस्थागत क्षमता के रूप में ‘रणनीतिक संचार’ की समीक्षा करना है, तथा उभरते हुए सूचना क्षेत्र में सिद्धांत, संरचनाओं, प्रक्रियाओं और तत्परता से संबंधित व्यावहारिक अंतर्दृष्टियाँ (actionable insights) विकसित करना है।

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