फारुख अब्दुला जी, कृपया बताएं कि यमन के हूती आतंकियों के हमलों से जेद्दा में 15 दिनों से फँसे 34 कश्मीरी जायरीनों की सुध कौन लेगा? : विनोद बंसल

पाकिस्तान पर कसीदे पढ़ने वाले फारूक़ अब्दुल्लाऔर सीएम उमर अब्दुल्ला बताएँ— इन जायरीनों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए अब तक उन्होंने क्या किया? सऊदी को पत्र क्यों नहीं लिखा? हूतियों से अपील क्यों नहीं? ग़ाज़ा के नाम पर सड़क पर जिहादी नारे लगाने की आवाज़, हूती हमलों के ख़िलाफ़ क्यों नहीं उठती? रियाद एयरपोर्ट पर मारे गए हैदराबाद के मुस्लिम आईटी प्रोफेशनल के लिए भी आपकी संवेदना कहाँ मर गईं? वो भी उमरा करने गया था। औरों की तो उम्मीद नहीं किंतु कम से कम अपने मजहबी लोगों की जान की चिंता तो कीजिए—कश्मीरियों की सुरक्षित वापसी के लिए आवाज़ उठाइए, मौन क्यों?
अपने दोस्त पाकिस्तान और अजीज जिहादी दोस्त हूती
को बोलिए। वे दोनों आपकी कौमी बात मानकर उन्हें अवश्य आने देंगे! क्या आप यह साहस कर पाएंगे? मक्का मदीना की ओर निशाना साधने वाले हूती के आतंकियों के विरुद्ध क्या भारत के कट्टरपंथी मुस्लिम नेता कभी बोल पाएंगे या सिर्फ भारत में ही हाय मुसलमान – हाय मुसलमान का गंदा खेल करते जाएंगे।
विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता विहिप



