जनपद मथुरा के कोसीकला में 16 नवम्बर को होगा राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अधिवेशन

लखनऊ । राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे ने बताया कि आगामी 16 नवम्बर को जनपद मथुरा के कोसीकला में राष्ट्रीय लोकदल का राष्ट्रीय अधिवेशन होगा । अधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पूरे मथुरा शहर में पार्टी की होर्डिंग, बैनर इत्यादि लगाए जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अधिवेशन में उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य प्रदेशों से पार्टी के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की घोषणा होगी।
राष्ट्रीय लोकदल का यह कदम संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक दिशा तय करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। अधिवेशन में देश भर से आए पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता, युवा प्रकोष्ठ, महिला प्रकोष्ठ एवं किसान प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
श्री दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के अधिवेशन की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बैठके आयोजित की जा रही हैं । उन्होंने कहा कि इस अधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने के लिए इसमें पहुंचना सभी का दायित्व है इस बात को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है।
पार्टी संगठन के अथक प्रयासों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से यह अभियान एक व्यापक जनांदोलन में बदल गया।
इस अधिवेशन में पार्टी नेतृत्व द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड जैसे सभी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में ठोस निर्णय लिए जाएंगे। संगठन विस्तार, बूथ सुदृढ़ीकरण, स्थानीय नेतृत्व का सशक्तिकरण तथा युवाओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी अधिवेशन में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। यह अधिवेशन पार्टी के आगामी राजनीतिक अभियान की दिशा तय करेगा। यह अधिवेशन पार्टी संगठन को नई ऊर्जा और दिशा देने के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें मंडल, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर बैठकें, प्रशिक्षण शिविर और जनता के बीच संवाद कार्यक्रम शामिल होंगे।
अधिवेशन में यह भी चर्चा होगी कि किस प्रकार राष्ट्रीय लोकदल के संगठन को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जाए। राष्ट्रीय लोकदल का उद्देश्य है कि किसानों, नौजवानों, महिलाओं और मजदूरों की आवाज़ को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जाए।
उन्होंने कहा कि अधिवेशन में किसानों के कल्याण से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे राष्ट्रीय लोकदल का यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह कार्यक्रम आने वाले चुनावों की दिशा और पार्टी के जनाधार को मजबूत करने की दिशा में एक नई शुरुआत साबित होगा।



