एनडीएमसी ने एक साथ 35,000 से ज़्यादा कलाकारों और छात्रों द्वारा 10 किलोमीटर लंबी लाइव कैनवास पेंटिंग का विश्व रिकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली : नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सेवा पर्व के अंतर्गत “विकसित भारत के रंग, कला के संग” विषय पर एक विशाल कला महोत्सव कार्यक्रम में एक साथ 35,000 से ज़्यादा कलाकारों और छात्रों द्वारा 10 किलोमीटर लंबी लाइव कैनवास पेंटिंग का विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह कार्यक्रम एनडीएमसी द्वारा त्रिवेणी कला संगम और दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ लॉन में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में भारत के माननीय केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भारत के केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री – रेखा गुप्ता, दिल्ली के लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा, संसद सदस्य (नई दिल्ली)- बांसुरी स्वराज, संसद सदस्य (उत्तर पूर्वी दिल्ली) – मनोज तिवारी, एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष – कुलजीत सिंह चहल, एनडीएमसी के सदस्य – अनिल वाल्मीकि, सरिता तोमर और दिनेश प्रताप सिंह के साथ-साथ एनडीएमसी सचिव – तारिक थॉमस भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि आज का कर्तव्य पथ कल्पना से परे था, जहाँ हज़ारों युवा एक साथ मिलकर 10 किलोमीटर लंबे कैनवास पर विकसित भारत के रंग उकेरने आए। सभी कलाकारों और छात्रों का उत्साह अद्भुत था और वे अपने सपनों के विकसित भारत को चित्रित करते थक नहीं रहे थे। कला के प्रति एनडीएमसी की इस अद्भुत पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा पर्व के दौरान युवाओं का यह एक अनूठा कला महोत्सव है।
अपने संबोधन में, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह आयोजन रचनात्मक कला का एक ऐतिहासिक क्षण है, जहाँ हज़ारों युवाओं ने एक साथ 10 किलोमीटर लंबे कैनवास पर रंग भरकर अपने सपनों के भारत की कल्पना की है। युवाओं में रचनात्मकता की भावना यहाँ स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सेवा पर्व के दौरान आयोजित किया जा रहा है, क्योंकि इसी पखवाड़े के दौरान माननीय प्रधानमंत्री का जन्मदिन भी पड़ता है, साथ ही महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसी विभूतियों का जन्मदिन भी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल रंगों के माध्यम से एक विकसित भारत को अभिव्यक्त करने का प्रयास करता है, बल्कि रंगों के माध्यम से जीवन को भी जीवंत करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन केवल एक कीर्तिमान तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के संकल्प को सुदृढ़ करने और उसकी ओर आगे बढ़ने का भी एक प्रयास है, ताकि भारत विकसित बन सके।
भारत के माननीय केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेवा पर्व के अंतर्गत “विकसित भारत के रंग, कला के संग” का आयोजन केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में – प्रत्येक राज्य, प्रत्येक जिले और प्रत्येक गाँव में किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पूरे भारत से 35,000 से अधिक कलाकारों की एक मंच पर सफल भागीदारी एकता का प्रतीक है और माननीय प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर मनाए जा रहे सेवा पर्व को वास्तव में यादगार बनाने के लिए एक ऐतिहासिक उत्सव है।
माननीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस भव्य आयोजन के लिए टीम एनडीएमसी के प्रयासों की सराहना की, जहाँ पूरे भारत के कलाकार अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का इतनी खूबसूरती से प्रदर्शन करने के लिए एक मंच पर एकत्रित हुए।
इस अवसर पर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहली बार ऐसा आयोजन हुआ है, जहाँ देश भर के विभिन्न राज्यों से आए हज़ारों नामचीन कलाकारों और छात्रों ने मिलकर 10 किलोमीटर लंबे कैनवास पर चित्रकारी की है। आज राजधानी में, विभिन्न युवाओं के विचारों और सपनों को विविध रंगों के साथ कैनवास पर उकेरा गया है, जो एक अद्भुत रचनात्मक संगम का प्रतीक है। यह कला उत्सव माननीय प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा पर्व का एक हिस्सा है, जो हमें हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है और उन्हें ज़िम्मेदारी के साथ निभाने की प्रेरणा भी देता है। अगर हम सब मिलकर एक-एक करके अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, तभी हम अपने देश को एक विकसित राष्ट्र बना पाएँगे। उन्होंने कहा कि सेवा पर्व के तहत एनडीएमसी की ओर से मोदी जी को यह कलात्मक उपहार, बेहद खास है।
इस अवसर पर, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में – “सेवा ही संकल्प है, भारत प्रथम प्रेरणा है” – एनडीएमसी 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2025 तक सेवा पर्व के अंतर्गत कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित कर रही है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत, त्रिवेणी कला संगम और दिल्ली विश्वविद्यालय के सहयोग से आज “विकसित भारत के रंग, कला के संग” नामक भव्य कला कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
श्री चहल ने यह भी बताया कि आज एक ऐतिहासिक दिन है जब लाइव पेंटिंग के सभी पिछले रिकॉर्ड टूट गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन पर्व में हर राज्य, हर जिले और हर गाँव की भागीदारी देखी गई है। “एक ही पेंटिंग में एक साथ सबसे अधिक कलाकारों के योगदान” का रिकॉर्ड 5,084 कलाकारों का था, जो 2014 में पनामा में फंडासिओन ओल्गा सिंक्लेयर द्वारा पनामा नहर की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बनाई गई एक पेंटिंग के लिए बनाया गया था। आज एनडीएमसी ने इस रिकॉर्ड को पार करते हुए नई दिल्ली के कर्तव्य पथ स्थित लॉन में 35,000 से अधिक प्रतिभागियों द्वारा 10 किलोमीटर लंबी लाइव कैनवास पेंटिंग बनाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।
श्री चहल ने पद्मश्री और पद्म विभूषण पुरस्कार विजेताओं, प्रतिष्ठित और वरिष्ठ कलाकारों, साथ ही त्रिवेणी कला संगम और दिल्ली विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके अमूल्य सहयोग और भागीदारी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस विशाल कला आयोजन में जतिन दास (दिल्ली), बिमान बी. बास (दिल्ली), अद्वैत गडनायक (ओडिशा), जय प्रकाश (दिल्ली), राम किशन छिपा (राजस्थान), शांति देवी (बिहार), परेश राठवा (गुजरात), कल्याण जोशी (राजस्थान), निर्मल सोनी, लोकेश जोशी, आयुष छिपवाल, लविश जोशी, और कई अन्य सहित कई प्रमुख और पद्म पुरस्कार विजेता कलाकारों ने भी भाग लिया। गणमान्य व्यक्तियों ने मंच पर इन कलाकारों को विभिन्न कलाओं के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया।



