रेलवे लाभार्थियों हेतु निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार सुविधा – अब उपचार हुआ आसान और सुलभ

लखनऊ : उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल द्वारा रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए अब e-रेफरल प्रणाली (ऑनलाइन, पेपरलेस) प्रारंभ की गई है, जिससे रेफरल की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है।पेंशनर्स एवं कर्मचारियों को UMID कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से बिना किसी कागजी प्रक्रिया के उपचार सुलभ कराया जा रहा है। इस संबंध में आज उत्तर रेलवे के मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मण्डल रेल प्रबंधक श्री सुनील कुमार वर्मा ने की। अपर मण्डल रेल प्रबंधक (ADRM), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS), अन्य विभागीय अधिकारीगण तथा एवं सभी अधिपत्रित (empanelled) अस्पतालों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक में अधिपत्रित अस्पतालों के प्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की गई कि वे रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के साथ सहयोग करें तथा किसी भी स्थिति में सहायता हेतु तत्पर रहें।
रेलवे प्रशासन द्वारा रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के लिए निजी चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार सुविधा की *कैशलेस उपचार के लिए आवश्यक दस्तावेज़*:
1. यूएमआईडी कार्ड/नंबर (UMID Card/Number) – यह आपकी प्रमुख पहचान है।
2. पंजीकृत मोबाइल नंबर – उपचार प्रारंभ करने के लिए ओटीपी इसी नंबर पर प्राप्त होगा।
*उपचार के तीन मार्ग*:
1. आपात स्थिति में (कैशलेस):
o सीधे किसी भी अधिकृत (Empanelled) निजी अस्पताल जाएं।
o UMID कार्ड दिखाएं, OTP दें, और बिना भुगतान के उपचार प्रारंभ होगा।
o अस्पताल रेलवे अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर सूचित करेगा।
2. रेफरल के माध्यम से (कैशलेस):
o निकटतम रेलवे अस्पताल जाएं और चिकित्सक से परामर्श लें।
o यदि चिकित्सक उचित समझें तो HMIS मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रेफरल लेटर जारी किया जाएगा।
o लाभार्थी मनचाहे अधिकृत निजी अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं।
3. सीधा निजी अस्पताल जाना (भुगतान स्वयं करें):
o रेफरल या आपात स्थिति के बिना भी कोई लाभार्थी सीधे अधिकृत निजी अस्पताल जा सकता है।
o इस स्थिति में भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होगा, किंतु दरें CGHS रेट (या अस्पताल द्वारा निर्धारित न्यूनतम दर) पर होंगी।
*आपात स्थिति के उदाहरण (संकेतात्मक)*:
• हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, दुर्घटना, अधिक रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई, बिजली का झटका, जहर सेवन, आपातकालीन प्रसूति आदि।
*पेंशनर्स के लिए विशेष सुविधा*:
• 70 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को सीधे विशेषज्ञ डॉक्टर से OPD परामर्श एवं जाँच की सुविधा कैशलेस रूप में दी जा रही है (31 अक्टूबर 2027 तक मान्य)।
• कैंसर रोगियों को Tata Memorial जैसे शीर्ष संस्थानों में बिना रेफरल के प्रारंभिक जांच की सुविधा दी गई है। एक बार रेफरल मिलने पर 90 दिनों तक 6 बार परामर्श लिया जा सकता है।
लखनऊ के अधिपत्रित निजी अस्पतालों में सहायता केंद्र:
प्रत्येक अधिपत्रित अस्पताल में रेलवे लाभार्थियों हेतु विशेष सहायता काउंटर एवं नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। रेलवे द्वारा भी वरिष्ठ चिकित्सकों को समन्वय हेतु नामित किया गया है।
*महत्वपूर्ण बिंदु*:
• सभी रेफरल पैन-इंडिया मान्य हैं।
• उपचार संबंधित सभी दस्तावेज अब डिजिटल माध्यम से समन्वयित किए जा रहे हैं।
• SGPGI, लखनऊ में भर्ती मरीजों हेतु कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।



