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पीएनबी ने मनाया वैश्विक एकता और पर्यावरणीय कल्याण पर केंद्रित 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

लखनऊ : पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने — एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग की थीम पर 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। विभिन्न अंचलों, मंडलों और प्रधान कार्यालय में पीएनबी परिवार एकजुट हुआ एवं पर्यावरण-अनुकूल वातावरण में आयोजित संवादपरक योग सत्रों में भाग लिया । इन सत्रों में तनाव प्रबंधन, रिलैक्सेशन तकनीकों, और श्वास अभ्यास पर जोर देते हुए समग्र स्वास्थ्य के लिए बैंक की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

योग सत्र में पीएनबी एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र, कार्यपालक निदेशक गण श्री कल्याण कुमार, श्री बिभु प्रसाद महापात्र व श्री डी सुरेंद्रन के साथ ही सभी अंचलों के मुख्य महाप्रबंधको, महाप्रबंधको व स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, इस दिन की भावना को बनाए रखते हुए, सभी क्षेत्रीय कार्यालयों और मंडल कार्यालयों ने आयुष मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से योग संगम 2025 के लिए पंजीकरण कराया।
पीएनबी ने इस वर्ष की थीम — एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग — के अनुरूप व्यक्तिगत कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के बीच गहरे संबंध पर जोर दिया। इस कार्यक्रम ने रेखांकित किया कि कैसे योग अभ्यास व्यक्तिगत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है साथ ही इस धरती के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता पैदा करता है।
11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में स्टाफ सदस्यों को संबोधित करते हुए, पीएनबी, एमडी एवं सीईओ श्री अशोक चंद्र ने कहा: ” भारत की सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित प्रथाओं में से एक योग, ने संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से सफलतापूर्वक वैश्विक पहचान हासिल की है, जिसे हर साल इसी दिन मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम, ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’, खूबसूरती से इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे हमारा व्यक्तिगत कल्याण हमारे पर्यावरण के स्वास्थ्य से गहराई से संबद्ध है। सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ध्यान या यहाँ तक कि दिन में केवल कई बार ‘ओम’ का जाप जैसी सरल आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके, हम अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार कर सकते हैं। आज की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में, योग शरीर, मन और आत्मा को अनुकूलित करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में कार्य करता है। जो हमें स्वस्थ व्यक्ति और इस धरा का अधिक जागरूक संरक्षक बनने में मदद करता है। स्वस्थ वातावरण में एक स्वस्थ व्यक्ति एक आगे बढ़ते संगठन और सभी के लिए एक बेहतर भविष्य के निर्माण की कुंजी है।”

 

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