विदेश मंत्री जयशंकर ने हमले से पहले पाकिस्तान को बताकर देश से गद्दारी की : कांग्रेस

नई दिल्ली : विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा यह स्वीकार करने के बाद कि मोदी सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पहले पाकिस्तान को सूचित किया था, कांग्रेस ने लगातार तीसरे दिन सवाल उठाए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जयशंकर की चुप्पी को अपराध बताया, वहीं पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे देश के साथ गद्दारी करार दिया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उनके सवालों पर विदेश मंत्री जयशंकर की चुप्पी को निंदनीय बताते हुए एक्स पर पोस्ट कर आज पूछा कि पाकिस्तान को जानकारी होने से हमने कितने भारतीय विमान खो दिए? यह कोई चूक नहीं थी। यह एक अपराध था और देश को सच्चाई जानने का हक है।
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया एवं प्रचार के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुद बताया कि हमने हमला करने से पहले पाकिस्तान को सूचित कर दिया था। ऐसा क्यों किया गया, क्या इसको कूटनीति कहते हैं। यह अपराध है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को इस पर जवाब देना होगा।
खेड़ा ने इसे ‘मुखबिरी’ और देश से ‘गद्दारी’ करार देते हुए पूछा कि क्या इसी मुखबिरी की वजह से आतंकी मसूद अजहर और हाफिज सईद जिंदा बच गए। क्या पाकिस्तान को हमले की सूचना देकर मसूद अजहर को दोबारा बचाया गया, क्योंकि इससे पहले उसे कंधार हाईजैक के समय छोड़ा गया था। उन्होंने पूछा कि इससे देश ने कितने विमान खोए, देश को क्या नुकसान हुआ, कितने आतंकी बचकर भाग गए।
पवन ने खेड़ा ने कहा कि युद्ध के दौरान, सीमाओं पर लड़ रही सेनाओं के पराक्रम को राजधानी में बैठे रणनीतिकारों का सहयोग मिलना चाहिए। लेकिन इस बार सरकार के रवैये से सेना के मनोबल को नुकसान पहुंचा है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्री के बयान पर सवाल पूछे हैं, जो पूछे जाने बहुत जरूरी हैं।
खेड़ा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने भारत को व्यापार रोकने की धमकी देकर संघर्ष विराम कराने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व को मालूम है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की क्या भूमिका रही और अमेरिका तो अपनी भूमिका खुद बढ़-चढ़कर बता रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सिंदूर का सौदा होता रहा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी चुप रहे। उन्होंने पूछा कि क्या अमेरिका और चीन के पास प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री व भाजपा नेताओं के कोई राज़ हैं जिससे प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री का इन दोनों देशों के खिलाफ मुंह नहीं खुलता। अगर खुलता है तो सीधा क्लीन चिट देने के लिए।
खेड़ा ने आरएसएस-भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में आईएसआई से जुड़े कुछ जासूस पकड़े गए हैं। पहले भी खबर आई थी कि आरएसएस से जुड़ा हुआ डीआरडीओ वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर पाकिस्तान को गोपनीय सूचना देने के आरोप में पकड़ा गया था। उससे पहले भाजपा से जुड़ा ध्रुव सक्सेना आईएसआई के लिए काम करते हुए पकड़ा गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा-आरएसएस का मुखबिरी का इतिहास है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए आगे कहा कि जनसंघ के समर्थन से प्रधानमंत्री बने मोरारजी देसाई ने अपने कार्यकाल में रॉ द्वारा जुटाई गई खुफिया जानकारी के बारे में पाकिस्तान के राष्ट्रपति को बता दिया था। इस घटना के कुछ दिन बाद ही भारत ने रॉ के कई लोगों को गंवा दिया और उनकी दशकों की मेहनत बर्बाद हो गई। पाकिस्तान ने देसाई को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से नवाजा था। उन्होंने कहा कि मोरारजी देसाई के इस पाप की कीमत आज भी देश अदा कर रहा है। इसी तरह जयशंकर ने भी पाप किया है। प्रधानमंत्री मोदी व विदेश मंत्री दोनों की चुप्पी अपराध है। कांग्रेस को देश के प्रति गद्दारी मंजूर नहीं है। चाहे कोई किसी भी पद पर बैठा हो, कांग्रेस सवाल पूछती रहेगी।



