उत्तर-प्रदेशनई दिल्लीबड़ी खबरलखनऊ

डॉ. के. ए. पॉल ने हथियारों के सौदों और युद्ध को बढ़ावा देने वाले बयानों की आलोचना की

वैश्विक प्रार्थना और शांति दिवस मनाने की अपील

नई दिल्ली : नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस। में डॉ. के. ए. पॉल ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज की राजनीति में हथियारों की बिक्री को इंसानों की जान से ज़्यादा महत्व दिया जा रहा है।

डॉ. पॉल ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर व्यक्ति से एक प्राइवेट जेट के रूप में 400 मिलियन डॉलर की रिश्वत ली, ताकि वह उनके पक्ष में हथियारों की आपूर्ति जारी रख सकें और उनकी नीतियों पर सवाल न उठाएं।

उन्होंने कहा कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा था, तब ट्रंप ने शांति के लिए कुछ नहीं किया। “भारत-पाक युद्ध को ट्रंप ने नहीं रोका, वह भगवान और मैंने रोका है”। उनके अनुसार ट्रंप उस समय अरब देशों में हथियार बेचने में व्यस्त थे। उन्होंने कहा: “कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देश डरे हुए हैं कि कहीं उनका हाल गद्दाफ़ी या सद्दाम हुसैन जैसा न हो जाए”।

कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भारत को अब किसी और देश पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। “भारत खुद अपने मसलों का हल निकाल सकता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अगर सभी राजनीतिक दल साथ आएं, तो भारत पूरी दुनिया में शांति का संदेश दे सकता है,” डॉ. पॉल ने कहा।

इस आयोजन में विभिन्‍न धर्मों के प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। कॉन्फ्रेंस में डॉ. पॉल के साथ, सुप्रीम कोर्ट के वकील और बौद्ध इंटरनेशनल फोरम फॉर पीस के अध्यक्ष आनंद एस. जोंधले और मुस्लिम समाज के नेता अशरफी अकबर अली भी शामिल रहे।

डॉ. पॉल ने भारत की इंडिगो एयरलाइंस की भी आलोचना की, जिन पर उन्होंने तुर्की में शांति सम्मेलन में जाने से उन्हें रोकने का आरोप लगाया, और इसे मानवीय कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप का ख़तरनाक उदाहरण बताया।

इन गंभीर आरोपों के बीच, डॉ. पॉल ने 24 घंटे की वैश्विक प्रार्थना और शांति दिवस की घोषणा की, जो 24 मई शाम 6 बजे से 25 मई शाम 6 बजे तक मनाया जाएगा। उन्होंने दुनियाभर के नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों में कम से कम पांच मिनट शांति के लिए प्रार्थना करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्षी नेताओं से भी उन्होंने अनुरोध किया कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नेतृत्व करें और भारत के महात्मा गांधी तथा सरदार पटेल जैसे नेताओं की शांति परंपरा को आगे बढ़ाएं।

डॉ. पॉल ने कहा, “भारत अपना ख़्याल रख सकता है,” और इसे दुनिया का सबसे बड़ा और संभावनाशील लोकतंत्र बताते हुए कहा कि भारत एकजुट होकर वैश्विक शांति के लिए नेतृत्व कर सकता है।

अंत में सब ने अपील की कि 24 मई को भारत से शांति की शुरुआत हो और यह दिन “शांति दिवस” के रूप में मनाया जाए।

Related Articles

Back to top button