स्मृति दिवस के रूप में मनाया अरबिन्दो कॉलेज के हिन्दी विभाग ने अपना विदाई समारोह

नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बद्ध श्री अरबिंदो कॉलेज के हिन्दी विभाग के तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए उनके जूनियर विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार अपनी शानदार विदाई समारोह को स्मृति दिवस — 2025 के रूप में मनाया । कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी , हिन्दी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ.हंसराज सुमन , डॉ. राजकुमार वर्मा , डॉ. पंकजेन्द्र किशोर , डॉ. निर्देश प्रजापति , डॉ.कैलासी मीना , डॉ.प्रशांत बर्थवाल, डॉ.दिव्येन्दु झा आदि भी उपस्थित थे । कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक डॉ.हंसराज सुमन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया । इस कार्यक्रम का आयोजन हिन्दी ऑनर्स तृतीय वर्ष के सभी विद्यार्थियों के साथ ही उनके जूनियर छात्र — छात्राओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया और बड़े धूमधाम से यह दिवस मनाया। पारम्परिक रूप से मनाये जाने वाले फेयरवेल की जगह यह थोड़ा हटकर था। जिसमें विदाई करने की जगह सीनियर्स जूनियर्स ने अपने एक साथ बिताये दिनों की स्मृतियों को साझा किया और कॉलेज में बिताएं तीन साल के अपने संस्मरण सुनाये । कॉलेज में व्यतीत किए अपने तीन साल के अनुभवों को साझा करते हुए छात्राओं में कु.राजनंदनी , कु. अनुषा सहरावत , सुश्री गरिमा तंवर , प्रिया नागर , कु. कंचन , सेजल पाल इतनी भावुक हो गई कि उनकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे , यही हाल छात्रों का था । उनका कहना था कि कॉलेज जीवन हमें भविष्य में आगे बढ़ने व निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है , हमारे शिक्षकों ने हमें अध्ययन के साथ – साथ व्यवहारिक ज्ञान भी दिया है जो भविष्य की राह दिखाएगा । स्मृति दिवस –2025 के अंतर्गत छात्रों ने नृत्य, लोक गीत शास्त्रीय संगीत,नाटिकाएं, प्रहसन, फैशन शो, मिमिकरी आदि अनेक दिलचस्प कार्यक्रम प्रस्तुत किए ।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण चौधरी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित किया और उनके द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के लिए उनकी प्रशंसा की एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि कॉलेज जीवन की दोस्ती सबसे यादगार और अटूट होती है और वे जीवंत पर्यन्त काम आते हैं । छात्रों से अपील करते हुए कहा है कि वे मन लगाकर पढ़े व राष्ट्र के नवनिर्माण में अपना योगदान दे । उन्होंने अपने कॉलेज की स्मृतियों को छात्रों के साथ साझा करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ -साथ एक अच्छे नागरिक के रुप में हमारी क्या भूमिका है उसे वर्तमान युवा पीढ़ी को समझनी चाहिए । उन्होंने कहा कि स्नातक डिग्री के पश्चात वे कॉलेज की अलमुनाई एसोसिएशन से अवश्य जुड़े जिससे पुराने विद्यार्थियों के साथ सार्थक संवाद और संबंध बना रहे । हिन्दी में सम्भावनाओं पर उन्होंने कहा कि अब समय बदल गया है अब हिन्दी विषय पढ़कर आप किसी भी बड़ी जगह जा सकते हैं। साथ ही सरकार द्वारा लागू नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के चलते अब तस्वीर बिल्कुल बदल जाएगी। अब मातृ भाषाओं की उपेक्षा नहीं होगी और भाषाओं का एक बड़ा जॉब मार्केट उत्पन्न होगा।
हिन्दी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक डॉ हंसराज सुमन ने छात्रों को उनकी वर्ष भर की उपलब्धियों के लिए प्रमाण- पत्र प्रदान किए और उनके भविष्य के लिए रोजगार के अवसरों के बारे में सूत्र बताये। डॉ.सुमन ने अपने सम्बोधन में कहा की आज हमारे विभाग के विद्यार्थी अनेक सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के कई विद्यार्थियों ने इस सत्र में जेआरएफ और नेट की परीक्षा उत्तीर्ण की है, कई विद्यार्थियों का चयन विश्वविद्यालय के विभाग के साथ ही देश की अन्य प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में हो रहा है एवं सरकारी, कॉर्पोरेट आदि में नौकरी प्राप्त कर रहे हैं। खेलों में भी उनके अच्छे प्रदर्शन रहा है इसका श्रेय उन्होने विभाग के शिक्षकों को देते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने हिन्दी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अपरिमित अवसरों की जानकारी दी और मीडिया में रोजगार की अपार संभावनाओं के विषय में बताया ।
डॉ . सुमन ने विभाग की साहित्यिक संस्था नवोन्मेष साहित्य सभा को संचालित करने एवं समय – समय पर साहित्यिक चर्चाओं परिचर्चाओं, संगोष्ठीयों को आयोजित करने और पूरे कॉलेज में एक साहित्यिक परिवेश निर्मित करने वाले छात्रों को उन्होंने विशेष बधाई दी। नवोन्मेष साहित्यिक सभा और राष्ट्रीय कैडेट कोर के तहत देश भर से चुनिंदा छात्रों में चयनित , श्री अमित पाल, श्री विशाल कनोजिया की उपलब्धि पर प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि आज हमारे बच्चे आत्मविश्वास से भरे हैं उनमें कुछ कर गुजरने की ललक भी है। विभाग के साथ ही वे कॉलेज और देश का मान बढ़ा रहे हैं।
स्मृति दिवस –2025 समारोह में विभाग के शिक्षक जिसमें डॉ.पंकजेन्द्र किशोर , डॉ. कैलाशी मीना , डॉ. निदेश प्रजापति , श्री अमित सैनी , श्री दुष्यंत कुमार , श्री सनी प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने विद्यार्थीयों से बातचीत की और भविष्य में अपने संस्थान से जुड़े रहने का आह्वान किया। अंत में तृतीय वर्ष के छात्रों को विभाग के सभी शिक्षकों ने यादगार के रुप में उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया ।



