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नासवी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे स्ट्रीट वेंडर्स को निशाना न बनाएं

विधानसभा में हुई बहस से स्ट्रीट वेंडर्स में भय 

नई दिल्लीः सफाई और अतिक्रमण पर विधानसभा में हुई बहस के वायरल होने से स्ट्रीट वेंडर्स में बेदखली और उत्पीड़न का भय व्याप्त हो गया। अगले दिन अखबारों की अधिकता ने उनके भय को और बढ़ा दिया।

नासवी ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वे स्ट्रीट वेंडर्स को निशाना न बनाएं, क्योंकि एमसीडी स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वेक्षण शुरू करने वाली है और बेदखल किए गए वेंडर्स को सर्वेक्षण में शामिल नहीं किया जाएगा।

नासवी के राष्ट्रीय समन्वयक अरबिंद सिंह ने बताया कि ‘शहर में 29 टीवीसी हैं और उन्हें किसी भी सफाई या विनियमन अभियान में शामिल किया जाना चाहिए।’ उन्होंने दुख जताया कि नगर प्रशासन अभी भी स्ट्रीट वेंडर्स की वास्तविकता से अवगत नहीं हुआ है और हालांकि वेंडिंग जोन, पिंक मार्केट, महिला मार्केट आदि के निर्माण के माध्यम से कई अवसर हैं, फिर भी नगर सरकार द्वारा पहल की कमी के कारण स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका खत्म हो रही है।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि प्रधानमंत्री ने स्ट्रीट वेंडर्स के काम करने और रहने की स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी। 192,246 विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि मिली। माननीय प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनाव से पहले नवंबर में जेएलएन स्टेडियम में लाभार्थियों को संबोधित भी किया था। हालांकि, लगातार उत्पीड़न और बेदखली ने विक्रेताओं की आजीविका को दयनीय स्थिति में डाल दिया है। विक्रेताओं की आजीविका को देखभाल और विनियमन की आवश्यकता है ताकि वे दिल्लीवासियों की बेहतर सेवा कर सकें।

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