शिक्षकों के बकाया अवशेष की ग्रान्ट को 25 मार्च 2025 तक कार्यावाही करते हुए वित्तीय वर्ष के अन्त तक खातों मे अन्तरित न करने पर जिला संगठन आन्दोलन के लिए बाध्य होगा

लखनऊ : माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को वित्तीय वर्ष 2024-2025 में प्राप्त लाखों रूपये के शिक्षकों के बकाया अवशेष की ग्रान्ट को यदि 25 मार्च, 2025 तक कार्यावाही करते हुए वित्तीय वर्ष के अन्त तक शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के खातों मे अन्तरित नही किया गया तो जिला संगठन आन्दोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
जिला संगठन के इस निर्णय की सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक एवं अन्य उच्चाधिकारियों को 21 मार्च, 2025 को प्रेषित की जा चुकी है।
संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष/प्रवक्ता एवं संरक्षक, लखनऊ डा. आर.पी. मिश्र, जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा एवं जिला मंत्री महेश चन्द्र ने बताया कि जिला संगठन द्वारा गत दो वर्षो से शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के करोड़ों रूपये के अवशेषों का भुगतान कराये जाने के लिए विषेष अभियान चला जा रहा है। जिला संगठन के अनुरोध पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के अवशेष बिलों की चेकिंग के लिए विद्यालयवार तिथियाॅ निर्धारित करते हुए विशेष कैम्प लगाए गए थे। परीक्षण के पश्चात अवशेषों की अनुमन्यता करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा अवशेषों के भुगतान हेतु धनाबंटन के लिए प्रकरण माध्यमिक शिक्षा निदेषालय भेजे गए। निदेषालय द्वारा अवशेषों के भुगतान के लिए धनाबंटन कर दिया गया किन्तु भुगतान में घूसखोरी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय द्वारा धनाबंटन को सार्वजनिक न करते हुए गुपचुप तरीके से अवशेषों के भुगतान के लिए कुछ दलालों के माध्यम से उगाही शुरू की गई है।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि गत वर्ष उत्कोच की प्रत्याशा में ग्रान्ट प्राप्त होने के पश्चात भी 53 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के अवषेषों का भुगतान नही किया गया और 31 मार्च, 2024 को ग्रान्ट निदेशालय को वापस की दी गई जिसे जिला संगठन ने प्रयास कर इस वित्तीय वर्ष में भुगतान कराया।
शिक्षक नेताओं ने बताया कि इसी लिए इस वर्ष जिला विद्यालय निरीक्षक एवं अन्य उच्चाधिकारियों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राप्त धनाबंटन को सार्वजनिक करते हुए सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को इसी वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक अभियान चलाकर अवशेषों के भुगतान किए जाने की मांग की है और भुगतान न होने पर आन्दोलन की चेतावनी दी है।



