अशोक सिंघल लाइफटाइम एचीवमेंट एवार्ड व पद्मश्री बाबा योगेन्द्र कलाश्री सम्मान से विभूषित हुए चयनित कलाकार

लखनऊ : उत्कर्ष ललित कला अकादमी लखनऊ द्वारा आयोजित सातवीं अखिल भारतीय कला प्रदर्शनी “कण कण में राम “शीर्षक से चल कला दीर्घा कला स्रोत में आयोजित की गई.

प्रदर्शनी का समापन समारोह एवं अशोक सिंघल लाइफटाइम एचीवमेंट एवार्ड तथा पद्मश्री बाबा योगेन्द्र कलाश्री सम्मान तथा प्रदर्शनी के लिए प्राप्त कृतियों में से उत्कृष्ट कला कृति सम्मान का आयोजन सम्मिलित दीप प्रज्वलन के साथ सम्पन्न हुआ।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरी शंकर जी,राष्ट्रीय मंत्री, विश्व हिंदू परिषद,नई दिल्ली, संत प्रवर सुनील कौशल जी महाराज आश्रम वृन्दावन, मथुरा, बांकेलाल गौड़, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्कार भारतीनई दिल्ली, स्वतंत्र प्रकाश गुप्त, राज्य सूचना आयुक्त,उ प्र, गिरीश मिश्र (सह मंत्री), संस्कार भारती उ प्र उपस्थित रहे।

अशोक सिंघल लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड डॉ. सुनील कुमार सक्सेना लखनऊ, डॉ. अनिता अलीगढ़, प्रो. सविता नाग मेरठ, प्रो. ओ. पी. शर्मा जम्मु, प्रो. सोनू द्विवेदी (शिवानी) अल्मोड़ा, प्रो. राका अग्रवाल मेरठ , डा अशोक कुमार गुप्ता, हरिद्वार, खुशी राम जौहरी, नोएडा को प्रदान किया गया।

पद्मश्री बाबा योगेन्द्र कला सम्मान डॉ. कावेरी विज प्रयागराज, डॉ. अनुराधा आर्या बरेली , डॉ. पुनीत शर्मा मुरादाबाद, प्रो. सरोज रानी वाराणसी, प्रो. अलका आर्या हरिद्रार, गीता खखसाल उत्तराखण्ड, शिवानी सहारनपुर, डॉ0 अभिलाषा चौधरी कानपुर को स्मृति चिन्ह , प्रमाण पत्र, व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

प्रदर्शनी में उत्कृष्ट कृति के लिए डॉ. अनुमहाजन बरेली , विभास पांडेय लखनऊ, प्रवीण सैनी मुजफ्फरनगर, दिवाकर आर्या, विधि रस्तोगी, रचना बागची , डॉ. अर्चना सक्सेना, परमानंद बरेली, पायल त्रिपाठी, डॉ. अंगद कुमार वर्मा लखनऊ, डॉ. स्मिता तिवारी गोला को भी अंगवस्त्र, समृति चिन्ह, व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में वरिष्ठ कलाकार दिनेश प्रताप सिंह, अजीत सिंह, कला समीक्षक पद्म कांत प्रभात, कवि कमलेश मौर्य मृदु एवं युवा प्रतिभागी एवं आमंत्रित कलाकर उपस्थित रहे। साथ ही इस अवसर पर श्रीकांत तिवारी कान्त ( राष्ट्रीय कवि) की पुस्तक “झोपड़ी गिरवी पड़ी है” का विमोचन हुआ।

अतिथियों द्वारा कृतियों का अवलोकन करने के बाद अकादमी द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना की और यह इच्छा व्यक्त की कि अकादमी अपने उद्देश्यों के अंतर्गत देश में अपना एक अलग स्थान बना रही है। प्रदर्शनी का संयोजन राजेन्द्र कुमार मिश्र द्वारा किया गया है.




